रिपोर्ट- सुमन
Kota National Highway : कोटा में नेशनल हाईवे पर चल रहे सड़क मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल तो उठ ही रहे हैं। लोगों में गुस्सा भी देखा जा रहा है..लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में घोटाला, फिर मरम्मत में भी घोटाला, सरकारों द्वारा बात को पश्चिमी देशों की तरह विकास की होती है। लेकिन धरातल पर इसका असर दिखाई नहीं देता। कोटा में इन दिनों कई स्थानों पर किए जा रहे पेचवर्क को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ जगह गड्ढों को पूरी तरह भरे बिना ही मरम्मत कार्य छोड़ दिया गया, जबकि कुछ स्थानों पर डाला गया मटेरियल काम पूरा होने के कुछ ही घंटों बाद उखड़कर सड़क पर फैल गया।

सड़क पर बिखरी गिट्टी और डामर के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर फैला मटेरियल फिसलन और संतुलन बिगड़ने का कारण बन सकता है। वहीं, सड़क पर बिखरी सामग्री से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है।
Kota National Highway : मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत का उद्देश्य गड्ढों को स्थायी रूप से ठीक करना और यातायात को सुरक्षित बनाना है। ऐसे में यदि पेचवर्क का मटेरियल कुछ ही समय में उखड़ने लगे तो काम की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यह मार्ग शहर के लिए महत्वपूर्ण है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का भी इस मार्ग से आवागमन होता है। ऐसे में मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
Kota National Highway : जांच और कार्रवाई पर नजर
अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर पेचवर्क की गुणवत्ता की जांच करता है या नहीं। साथ ही, क्या मरम्मत कार्य में इस्तेमाल सामग्री और तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी?
यदि जांच में निर्धारित मानकों के विपरीत काम या गुणवत्ता संबंधी खामी सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित ठेकेदार या एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं और विभागीय जांच का इंतजार है।
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