Report: Vandna Rawat
Uttar Pradesh News मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी विपक्षी दलों की ओर से भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। उनके अनुसार, देश में पहले भी अलग-अलग वर्षों में ऐसी प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल सहित अन्य विपक्षी दलों की एसआईआर को लेकर आपत्तियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का मुद्दा उठाया
Uttar Pradesh News मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा कैंब्रिज में न्यायपालिका को लेकर दिए गए कथित बयान और राफेल मामले में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पणियों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया का भी उल्लेख किया।
Uttar Pradesh News उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन चुनावों में कांग्रेस को सफलता मिली, उनमें भी इसी चुनाव प्रणाली का इस्तेमाल हुआ था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोपों को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया।
कांग्रेस से गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी रोकने की अपील
Uttar Pradesh News मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं को फॉर्म भरने का अवसर दिया गया है, जिनका नाम किसी कारण से छूट गया हो। उन्होंने फॉर्म-6 से संबंधित विषय का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है।
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से अपनी आपत्तियों को लेकर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से अपने बयानों और गतिविधियों को लेकर जनता तथा संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगने की मांग भी की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 1975 के आपातकाल, चुनाव आयोग, न्यायपालिका, राफेल और ईवीएम से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में आम नागरिक का विश्वास लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने इससे एक दिन पहले एसआईआर और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता की मांग की थी।
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