Report by : Vandana Rawat
UP Handicrafts Global Market: ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 में उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के विशेष सत्र में प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि डिजिटल मार्केट, मजबूत सप्लाई चेन और बेहतर कारोबारी व्यवस्था के जरिए प्रदेश के कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा सकता है। UPITS 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में हो रहा है।
UP Handicrafts Global Market: एक्सपोर्ट 2 लाख करोड़ रुपये के पार
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योग और निर्यात के क्षेत्र में लगातार विस्तार हुआ है। उनके मुताबिक प्रदेश का निर्यात अब दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का निर्यात करीब 2.01 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2024-25 के लगभग 1.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास और कारोबार के अवसरों का लाभ गांवों, कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों तक पहुंचाना है। इसके लिए डिजिटल मार्केट और सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में एक्सपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं।
UP Handicrafts Global Market: वाराणसी जैसे केंद्रों पर लॉजिस्टिक्स मजबूत करने पर जोर
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि निर्यात बढ़ाने के लिए केवल उत्पादन पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और कस्टम्स सुविधाओं की भी जरूरत है। इसी दिशा में वाराणसी जैसे प्रमुख केंद्रों पर निर्यात से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बेहतर सप्लाई चेन से स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। UPITS का उद्देश्य भी प्रदेश के निर्माताओं, एमएसएमई, निर्यातकों, कारीगरों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाना है।
UP Handicrafts Global Market: कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेंगे हाईटेक स्टूडियो
एमएसएमई मंत्री ने बताया कि प्रदेश के जिलों में मौजूद कॉमन फैसिलिटी सेंटर को आधुनिक और हाईटेक स्टूडियो के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इन केंद्रों पर ब्रांडिंग, प्रमोशन, 3डी और हाई-डेफिनिशन फोटोग्राफी तथा पैकेजिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है।
इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि छोटे कारोबारी और कारीगर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक अपने उत्पादों की जानकारी पहुंचा सकें। उत्तर प्रदेश की एमएसएमई नीति में भी कॉमन फैसिलिटी सेंटर और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
UP Handicrafts Global Market: महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ई-कॉमर्स से जोड़ने की तैयारी
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके कारोबार के लिए नए बाजार तैयार किए जा सकते हैं। डिजिटल माध्यम से उत्पादों की ब्रांडिंग और बिक्री का दायरा बढ़ने से स्थानीय स्तर पर काम करने वाले उद्यमियों को बड़े बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक मार्केटिंग और तकनीक के साथ जोड़ना जरूरी है, ताकि उनकी पहचान केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे।
UP Handicrafts Global Market: सहारनपुर, भदोही और मुरादाबाद के उत्पादों पर फोकस
मंत्री ने सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही के कालीन और मुरादाबाद के हस्तशिल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रमाणन, ऑनलाइन परमिट और ट्रेसबिलिटी जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प और एमएसएमई उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए UPITS जैसे प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस वर्ष ट्रेड शो में 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की उम्मीद जताई गई है और 85 देशों की भागीदारी प्रस्तावित है।
UP Handicrafts Global Market: कारोबारियों से डिजिटल ब्रांडिंग पर जोर देने की अपील
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आयुक्त उद्योग के विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि भविष्य में कारोबार का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यमों पर निर्भर होगा। ऐसे में हस्तशिल्प कारोबारियों को इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग और ब्रांडिंग को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एमएसएमई और हस्तशिल्प का बड़ा केंद्र है और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। कारोबारियों को केवल ट्रेडिंग तक सीमित रहने के बजाय उत्पाद की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर मार्जिन पर भी काम करना चाहिए।
UP Handicrafts Global Market: स्थानीय उत्पादों के लिए डिजिटल और फिजिकल शोरूम पर जोर
के विजयेंद्र पांडियन ने जनपदों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने होम डेकोर समेत अन्य उत्पादों के लिए डिजिटल और फिजिकल शोरूम तैयार करने तथा एक्सपोर्ट चैन के माध्यम से विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने की बात कही।
उन्होंने प्रतिभागियों से विशेषज्ञों के सत्रों में मिली जानकारी का अध्ययन करने, सफल कारोबारी मॉडलों को समझने और अपनी जरूरत के अनुसार उन्हें कारोबार में लागू करने का आह्वान किया।
UP Handicrafts Global Market: वैश्विक खरीदारों से जुड़ने का प्लेटफॉर्म बना UPITS
UPITS 2026 में हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। आयोजन में वैश्विक खरीदारों, निवेशकों, निर्यातकों और स्थानीय कारोबारियों के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाने पर जोर है।
भूपेंद्र चौधरी ने वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट इकोसिस्टम से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डिजिटल और औद्योगिक विकास यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है और इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना है।


