Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की में हाल ही में हुए एक शिखर सम्मेलन से जुड़े अपने विमान को लेकर चल रही चर्चाओं पर बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने पुष्टि की कि सुरक्षा संबंधी खतरे के कारण यात्रा के दौरान उनका विमान बदला गया था। उन्होंने कहा कि वह अपनी सुरक्षा को लेकर सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना की सलाह का पालन करते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने पहले पुराने एयर फोर्स वन विमान से यात्रा की और बाद में एक छोटे C-32A विमान में स्थानांतरित किए गए। यह बदलाव कथित तौर पर सुरक्षा कारणों से किया गया था। ट्रंप ने अब खुद कहा है कि उन्हें सुरक्षा एजेंसियों की ओर से दूसरे विमान से जाने की सलाह दी गई थी।
Trump: सुरक्षा खतरे के चलते बदला गया विमान
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनकी सुरक्षा टीम और सेना ने उन्हें दूसरी फ्लाइट या दूसरे विमान से यात्रा करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर सुरक्षा अधिकारियों की सलाह पर ही फैसला लेते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, उन्हें यह बताया गया था कि किसी तरह का खतरा मौजूद हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने की कोशिश नहीं की और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश का पालन किया।
Trump: तुर्की सम्मेलन के दौरान हुई थी विमान बदलने की घटना
यह मामला तुर्की में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में ट्रंप की भागीदारी के दौरान सामने आया। इससे पहले खबरें थीं कि ईरान से संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा व्यवस्था में बदलाव किया गया था।
.@POTUS: "I have a lot of threats that you don't know about. Any consequential President has a lot of threats. Non-consequential Presidents don't get threatened — and I think that I'm maybe the most consequential President." 🔥 https://t.co/UBAPgiR4P8 pic.twitter.com/YKFQjmxN3V
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) August 12, 2026
बताया गया था कि ट्रंप ने कतर की ओर से मिले नए बोइंग 747-8 विमान के बजाय पुराने एयर फोर्स वन का इस्तेमाल किया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें एक छोटे C-32A विमान में स्थानांतरित किया गया।
Trump: रिपोर्ट में कैटरिंग कंटेनर का भी जिक्र
वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ट्रंप को पुराने एयर फोर्स वन से सीधे सामान्य तरीके से बाहर निकालने के बजाय एक कैटरिंग कंटेनर के रास्ते छोटे विमान तक पहुंचाया गया था।
इस पूरी प्रक्रिया को सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखा गया था। उस समय व्हाइट हाउस की ओर से विमान बदलने को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।
Trump: ट्रंप ने अब खुद की पुष्टि
रिपोर्ट सामने आने के बाद विमान बदलने की घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। अब ट्रंप ने खुद इस बात की पुष्टि कर दी है कि सुरक्षा कारणों से उनकी यात्रा के दौरान विमान बदला गया था।
ओहायो से लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह के मुताबिक चलते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सुरक्षा एजेंसियों को किसी संभावित खतरे की जानकारी थी, इसलिए उन्हें दूसरे विमान से जाने के लिए कहा गया।
Trump: ईरान से खतरे की खबरों के बीच बढ़ी थी सुरक्षा
ट्रंप की यात्रा व्यवस्था में बदलाव की खबर ऐसे समय सामने आई थी, जब ईरान की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति को संभावित खतरे को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। इसी वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरते जाने की बात कही गई।
हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें किस तरह का खतरा था या सुरक्षा एजेंसियों को किस विशेष इनपुट के आधार पर विमान बदलने की सलाह देनी पड़ी।
Trump: ट्रंप बोले- मुझे अक्सर धमकियां मिलती हैं
ट्रंप ने कहा कि उन्हें अक्सर अलग-अलग तरह की धमकियां मिलती रहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई खतरे ऐसे होते हैं जिनके बारे में आम जनता को जानकारी नहीं होती।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि किसी महत्वपूर्ण राष्ट्रपति को कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि शायद वह सबसे अहम राष्ट्रपति हैं, इसलिए उन्हें लगातार सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
Trump: सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर ट्रंप का भरोसा
ट्रंप के बयान से साफ है कि राष्ट्रपति की विदेश यात्राओं के दौरान अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और सैन्य सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों के आधार पर यात्रा व्यवस्था में बदलाव कर सकती हैं। विमान बदलने का फैसला भी इसी सुरक्षा आकलन का हिस्सा बताया जा रहा है।
फिलहाल ट्रंप ने यह नहीं बताया है कि विमान बदलने के पीछे वास्तविक खतरा क्या था। लेकिन उनके बयान ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि तुर्की यात्रा के दौरान उनकी उड़ान व्यवस्था में बदलाव सुरक्षा कारणों से किया गया था।



