Report: Vandna Rawat
PM Shri Schools Learning by Doing लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ाई को अधिक प्रयोगात्मक और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को प्रभावी बनाने के लिए कंज्यूमेबल्स और रॉ मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कुल 2 करोड़ 34 लाख 40 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
हर विद्यालय को मिलेंगे 40 हजार रुपये तक
PM Shri Schools Learning by Doing चयनित प्रत्येक विद्यालय के लिए 40 हजार रुपये की धनराशि की सीमा तय की गई है। इस राशि से ऐसी सामग्री खरीदी जाएगी, जिसका इस्तेमाल विद्यार्थियों को गतिविधियों, प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए विषयों को समझाने में किया जा सके। इससे बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने पर जोर रहेगा।
प्रयोग और गतिविधियों से मजबूत होगी समझ
PM Shri Schools Learning by Doing ‘लर्निंग बाय डूइंग’ के तहत विद्यार्थियों को विषयवस्तु को पढ़ने के साथ उसे गतिविधियों और प्रयोगों के जरिए समझने का अवसर मिलेगा। उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का इस्तेमाल कक्षा-कक्ष में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में विषयों की अवधारणात्मक समझ को मजबूत करना और सीखने की प्रक्रिया को अधिक अनुभवपरक बनाना है।
सामग्री के इस्तेमाल और अभिलेखीकरण पर नजर
PM Shri Schools Learning by Doing चयनित 586 विद्यालयों में सामग्री की उपलब्धता के साथ उसके उचित उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा। विद्यालय स्तर पर गतिविधियों के संचालन, सामग्री के उपयोग और उनके अभिलेखीकरण का अनुश्रवण किया जाएगा। पहले संचालित की गई ‘लर्निंग बाय डूइंग’ गतिविधियों के अनुभवों को आगे की गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बेसिक शिक्षा संदीप सिंह के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बच्चों को प्रयोग और अनुभव के जरिए सीखने के अधिक अवसर देना तथा सीखने की प्रक्रिया को रोचक और सहभागितापूर्ण बनाना है।


