BRICS Summit: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सितंबर में भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भारत की ओर से उन्हें सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है, लेकिन बांग्लादेशी सूत्रों के मुताबिक तारिक रहमान ने दिल्ली यात्रा नहीं करने का फैसला कर लिया है। हालांकि, ढाका सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
भारत और बांग्लादेश के बीच पहले से चल रहा राजनीतिक तनाव शेख हसीना के मुद्दे के कारण और बढ़ता दिखाई दे रहा है। बांग्लादेश सरकार की ओर से भारत में शेख हसीना की राजनीतिक गतिविधियों और मीडिया से उनकी बातचीत को लेकर लगातार आपत्ति जताई जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में तारिक रहमान के BRICS कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठ रहे हैं।
BRICS Summit: जुलाई में भारत ने भेजा था BRICS का न्योता
भारत ने बांग्लादेश को BRICS आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण जुलाई में भेजा था। बताया गया है कि 14 जुलाई को ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के माध्यम से बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय को राजनयिक पत्र भेजकर तारिक रहमान को आमंत्रित किया गया था।
BRICS के आउटरीच सत्र में संगठन के सदस्य देशों के अलावा चुनिंदा गैर-सदस्य देशों और क्षेत्रीय संगठनों के नेताओं को भी आमंत्रित किया जाता है। बांग्लादेश को BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया गया है।
BRICS Summit: तारिक रहमान के दिल्ली आने पर बना सस्पेंस
बांग्लादेश सरकार ने अभी तक प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है। ढाका की ओर से कहा जा रहा है कि इस यात्रा पर अभी विचार किया जा रहा है। वहीं, बांग्लादेशी सत्ता के करीबी सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली नहीं जाने का मन बना लिया है।
अगर तारिक रहमान BRICS आउटरीच सत्र में शामिल नहीं होते हैं तो इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों में जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा सकता है। खासतौर पर ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच शेख हसीना को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं।
BRICS Summit: शेख हसीना के मुद्दे पर भारत से नाराज ढाका
बांग्लादेश की अंतरिम सत्ता और भारत के बीच शेख हसीना का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद शेख हसीना भारत में रह रही हैं। हाल के दिनों में दिल्ली से उनकी राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक बयानों को लेकर ढाका ने नाराजगी जताई है।
बांग्लादेश का आरोप है कि भारत की जमीन से शेख हसीना को राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति देना दोनों देशों के संबंधों के लिए उचित नहीं है। ढाका का कहना है कि इससे बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति प्रभावित होती है।
BRICS Summit: बांग्लादेश के गृह मंत्री ने भारत को दी कड़ी प्रतिक्रिया
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने शेख हसीना के मुद्दे पर भारत के प्रति सख्त रुख अपनाया है। उनका कहना है कि भारत को शेख हसीना के मुद्दे का इस्तेमाल दोनों देशों के संबंधों में नहीं करना चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि अगर भारत में रहकर शेख हसीना बांग्लादेश की राजनीति को प्रभावित करने वाली गतिविधियां करती हैं, तो इसका असर दोनों देशों के आपसी संबंधों पर पड़ सकता है। बांग्लादेशी सरकार भारत के साथ ऐसा रिश्ता चाहती है जो आपसी हित, संप्रभुता और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों के सम्मान पर आधारित हो।
BRICS Summit: दिल्ली में शेख हसीना के बयान से बढ़ा विवाद
हाल में दिल्ली में शेख हसीना को पत्रकारों से बातचीत का अवसर मिलने के बाद बांग्लादेश की नाराजगी और बढ़ गई। ढाका ने इस घटनाक्रम पर भारत के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
बांग्लादेशी अधिकारियों का कहना है कि शेख हसीना और उनके समर्थकों की ओर से भारत की जमीन से दिए जा रहे राजनीतिक बयानों को ढाका में सकारात्मक नजरिए से नहीं देखा जा रहा है। बांग्लादेश का मानना है कि ऐसे घटनाक्रम दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की कोशिशों को प्रभावित कर सकते हैं।
BRICS Summit से पहले रिश्तों की परीक्षा
सितंबर में दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं। तारिक रहमान को भेजा गया निमंत्रण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद का अवसर माना जा रहा था, लेकिन शेख हसीना के मुद्दे ने इस यात्रा को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
अब सभी की नजर बांग्लादेश सरकार के आधिकारिक फैसले पर है। अगर तारिक रहमान दिल्ली नहीं आते हैं, तो BRICS आउटरीच सत्र से उनकी गैरमौजूदगी को भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ते राजनीतिक तनाव के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है।



