Madhya Pradesh Aviation: एयर कनेक्टिविटी के नेटवर्क को मिल रही नई रफ्तार
मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में विमानन सेवाओं और हवाई अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में एयरपोर्ट के विस्तार, नई घरेलू उड़ानों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के साथ एविएशन नेटवर्क को व्यापक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। बेहतर एयर कनेक्टिविटी का असर केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन, उद्योग, निवेश, रोजगार और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार की Modified UDAN योजना भी अगले दशक में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को विस्तार देने पर केंद्रित है। ऐसे में मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र को विकास की नई दिशा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
Madhya Pradesh Aviation: हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट और 45 किलोमीटर पर हेलीपैड का लक्ष्य
मध्यप्रदेश अब सिर्फ सड़क और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार तक सीमित नहीं है। प्रदेश का एविएशन नेटवर्क भी तेजी से विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार की योजना हवाई कनेक्टिविटी को बड़े शहरों से आगे छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने की है।
इसके तहत हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 45 किलोमीटर पर हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा एयरपोर्ट और एयरस्ट्रिप के नेटवर्क को मजबूत करने के साथ नए एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
Madhya Pradesh Aviation: तीन साल में एयरपोर्ट की संख्या 5 से बढ़कर 8 हुई
वर्ष 2023-24 में मध्यप्रदेश में पांच प्रमुख एयरपोर्ट संचालित थे। इनमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो शामिल थे। इसके बाद वर्ष 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को भी एयरपोर्ट नेटवर्क से जोड़ा गया, जिससे प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर आठ हो गई।
उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट का विकास कार्य प्रगति पर है। दोनों एयरपोर्ट के पूरा होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर 10 तक पहुंच जाएगी।
Madhya Pradesh Aviation: अगस्त 2026 में शुरू हुईं चार नई सीधी उड़ानें
सरकार का फोकस केवल बड़े शहरों को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। भोपाल, रीवा, जबलपुर और अन्य शहरों के बीच नई सीधी उड़ानों से प्रदेश के भीतर और दूसरे राज्यों के साथ हवाई संपर्क बढ़ा है।
अगस्त 2026 में भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सीधी उड़ानें शुरू की गईं। इन उड़ानों से यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट पर निर्भरता कम करने और सीधे गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिली है।
Madhya Pradesh Aviation: 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट में बदलने की तैयारी
उड़ान योजना के तहत मध्यप्रदेश की 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में एयर कनेक्टिविटी विकसित होने से स्थानीय स्तर पर व्यापार, पर्यटन, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने से लोगों के लिए दूसरे शहरों तक पहुंच भी आसान होगी।
Madhya Pradesh Aviation: 8 एयरपोर्ट, 20 से ज्यादा एयरस्ट्रिप और 220 हेलीपैड
वर्तमान में मध्यप्रदेश में आठ एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और करीब 220 हेलीपैड हैं। नए एयरपोर्ट के विकास के साथ सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
पीएमश्री एयर एम्बुलेंस और पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा जैसी पहल के जरिए हवाई सुविधाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक उपयोगी और व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के नेटवर्क को विस्तार देने पर जोर है।
Madhya Pradesh Aviation: नए शासकीय विमान से चार्टर्ड विमान पर निर्भरता होगी कम
प्रदेश में विमानन सेवाओं के विकास के साथ राज्य शासन को नया शासकीय विमान भी मिलने जा रहा है। देश के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ के पास अपने विमान और हेलीकॉप्टर हैं।
मध्यप्रदेश के शासकीय हवाई बेड़े में नया विमान शामिल होने से राज्य सरकार की हवाई यात्राओं की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही चार्टर्ड विमान पर निर्भरता कम होने की संभावना है। सरकारी अनुमान के मुताबिक नया विमान आने के बाद राज्य सरकार का मासिक व्यय मौजूदा खर्च की तुलना में करीब एक तिहाई रह जाएगा।
Madhya Pradesh Aviation: उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का हो रहा विस्तार
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट के विकास और विस्तार का काम इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रारंभिक चरण में करीब 1,800 मीटर लंबा रनवे विकसित किया जा रहा है। भविष्य में इसकी लंबाई बढ़ाकर 2,700 मीटर तक करने की योजना है। एयरपोर्ट का विस्तार सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ-साथ उज्जैन की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Madhya Pradesh Aviation: इंदौर से अबूधाबी के लिए सीधी उड़ान
इंदौर से अबूधाबी के बीच सीधी उड़ान शुरू होना मध्यप्रदेश की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम कदम है। यह मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान बताई गई है।
करीब 3 घंटे 15 मिनट की इस सीधी उड़ान से इंदौर और अबूधाबी के बीच हवाई संपर्क स्थापित हुआ है। इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश और अन्य अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
प्रदेश में इससे पहले इंदौर से दुबई के लिए भी अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क स्थापित हो चुका है। अबूधाबी की सीधी उड़ान जुड़ने से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का दायरा और बढ़ा है।
Madhya Pradesh Aviation: पीएमश्री एयर एम्बुलेंस से मरीजों को मिल रही सुविधा
मध्यप्रदेश में पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा 29 मई 2024 से संचालित की जा रही है। इस सेवा का उद्देश्य गंभीर मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को आवश्यकता के अनुसार तेजी से हवाई परिवहन उपलब्ध कराना है।
आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश के भीतर और प्रदेश से बाहर तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा दी जा रही है। अब तक 186 मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है।
भौगोलिक रूप से मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है। ऐसे में गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों और आकस्मिक घटनाओं में सड़क मार्ग के साथ हवाई परिवहन की जरूरत भी महत्वपूर्ण हो जाती है। एयर एम्बुलेंस इस जरूरत को पूरा करने में मदद कर रही है।
Madhya Pradesh Aviation: हेली पर्यटन से आस्था और विरासत स्थलों तक पहुंच आसान
प्रदेश में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के जरिए आस्था, विरासत और प्राकृतिक स्थलों तक हवाई पहुंच को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। इसका उद्देश्य पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कम समय में प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा को PPP मॉडल पर तीन वर्ष के अनुबंध के तहत संचालित किया जा रहा है। अब तक 5,200 से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा का उपयोग किया है, जबकि 680 से अधिक जॉय राइड संचालित की जा चुकी हैं।
Madhya Pradesh Aviation: सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड का लक्ष्य
मध्यप्रदेश में सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना विमानन नेटवर्क को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदेश के दूरदराज के इलाकों तक आपातकालीन और आवश्यक हवाई सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकती है।
हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट का लक्ष्य प्रदेश के व्यापक भौगोलिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
Madhya Pradesh Aviation: पांच नए एयरपोर्ट की मंजूरी की प्रक्रिया
प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। नए एयरपोर्ट के विकास से उन क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी जहां फिलहाल नियमित विमानन सेवाओं की उपलब्धता सीमित है।
एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के विस्तार के जरिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने की योजना है। इससे औद्योगिक निवेश, पर्यटन, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं के लिए त्वरित पहुंच का नेटवर्क मजबूत हो सकता है।
Madhya Pradesh Aviation: सिंहस्थ-2028 से पहले एयर कनेक्टिविटी पर जोर
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन सहित पूरे प्रदेश की हवाई अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दताना-मताना एयरपोर्ट के विकास के साथ अन्य एयरपोर्ट और हवाई सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।
बढ़ती विकास गतिविधियों और धार्मिक पर्यटन को देखते हुए बेहतर एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण होगी। उज्जैन एयरपोर्ट के विस्तार से सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अतिरिक्त हवाई सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
Madhya Pradesh Aviation: विमानन नेटवर्क से विकास को मिल रही नई दिशा
मध्यप्रदेश में एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड का विस्तार केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं है। बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन स्थलों तक पहुंच, औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिल सकती है।
एयरपोर्ट की संख्या आठ से बढ़ाकर 10 करने, नए एयरपोर्ट और एयरस्ट्रिप विकसित करने, सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार करने और एयर एम्बुलेंस जैसी सेवाओं के जरिए मध्यप्रदेश अपने विमानन नेटवर्क को व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के विकास का अगला अध्याय अब बेहतर एयर कनेक्टिविटी से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है।
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