BY: Yoganand Shrivastva
World Bank India GDP Forecast भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर विश्व बैंक ने अपना अनुमान बेहतर किया है। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। ताजा भारत विकास अपडेट के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग और निर्यात में मजबूती आर्थिक गतिविधियों को सहारा दे रही है।
घरेलू मांग और निर्यात से अर्थव्यवस्था को सहारा
World Bank India GDP Forecast विश्व बैंक के मुताबिक वैश्विक स्तर पर कई आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। घरेलू मांग में मजबूती के साथ निर्यात में सुधार को विकास दर के लिए महत्वपूर्ण आधार माना गया है। बैंक का कहना है कि भारत की मध्यम अवधि की आर्थिक संभावनाएं भी मजबूत बनी हुई हैं।
World Bank India GDP Forecast विश्व बैंक के ताजा आकलन में भारत को दुनिया की तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताया गया है। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव का असर भारत की आर्थिक रफ्तार पर पड़ सकता है।
महंगे तेल और अल नीनो से बढ़ सकता है जोखिम
World Bank India GDP Forecast विश्व बैंक ने बेहतर विकास अनुमान के साथ कुछ जोखिमों को लेकर भी आगाह किया है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, अल नीनो और शेयर बाजार में तेज गिरावट जैसे हालात भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। इन परिस्थितियों में महंगाई, निवेश और पूंजी प्रवाह पर दबाव बढ़ने की आशंका हो सकती है।
विश्व बैंक के अनुसार, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और मौसम से जुड़े जोखिम खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में आर्थिक विकास की बेहतर तस्वीर के बावजूद वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी होगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता को विकास का नया आधार बनाने पर जोर
World Bank India GDP Forecast विश्व बैंक ने भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते इस्तेमाल को भी आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तैयारी के मामले में शीर्ष 10 उभरते बाजारों में शामिल है। निजी क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े निवेश में भी तेज वृद्धि हुई है। यह निवेश 2024 में 1.2 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 4.1 अरब डॉलर हो गया। वहीं, वैश्विक क्षमता केंद्रों में काम करने वाले पेशेवरों की संख्या 2024 के 19 लाख से बढ़कर 2025 में 23.6 लाख हो गई।
विश्व बैंक का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को केवल तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि उत्पादकता और विकास बढ़ाने के साधन के तौर पर अपनाने की जरूरत है। इसके लिए डिजिटल और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कारोबार के माहौल को बेहतर बनाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक अधिक लोगों की पहुंच बढ़ाने और कर्मचारियों को बदलती तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने पर जोर देना होगा। रिपोर्ट यह भी मानती है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लंबे समय में रोजगार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
Read this: KBC : अमिताभ बच्चन के सामने माधुरी दीक्षित ने दिखाए शानदार डांस मूव्स, बिग बी बोले- ‘इनक्रेडिबल’


