BY
Yoganand Shrivastava
Parliament Deadlock संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को खुला प्रस्ताव देते हुए कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सहमत हो तो आज दोपहर 3 बजे से अगले दिन दोपहर 3 बजे तक विस्तृत चर्चा कराई जा सकती है और सरकार सभी सवालों का जवाब देने को तैयार है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से नहीं भाग रही, बल्कि विपक्ष ही सदन की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहता। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और सभी विषयों पर खुलकर चर्चा की जा सकती है।
Parliament Deadlock विपक्ष पर निशाना, कहा- जनता तय करे कौन भाग रहा
Parliament Deadlock मीडिया से बातचीत में गृह मंत्री ने कहा कि सत्र शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने कार्यालय में मौजूद रहते हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह सदन में चर्चा के लिए औपचारिक प्रस्ताव दे और बहस में हिस्सा ले।
शाह ने कहा कि विपक्ष की कई मांगों पर सरकार पहले ही सहमति जता चुकी है। ऐसे में अब जनता को तय करना चाहिए कि चर्चा से कौन बच रहा है और कौन जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह सदन में उपस्थित रहकर सभी पक्षों की बात सुनेंगे और हर मुद्दे का जवाब देंगे।
Parliament Deadlock राहुल गांधी का पलटवार, कहा- “We Don’t Care”
गृह मंत्री के बयान के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अमित शाह के भाषण या लेक्चर में कोई दिलचस्पी नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री को इन सवालों का सीधा जवाब देना चाहिए और यदि उनकी भूमिका रही है तो उन्हें जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
संसद में जारी इस टकराव के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही सामान्य हो पाती है या फिर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होता है।
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