BY
Yoganand Shrivastava
Perseid Meteor Shower खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए 12 और 13 अगस्त 2026 की रात बेहद खास होने वाली है। इस दौरान साल की सबसे चर्चित पर्सिड उल्का वर्षा (Perseid Meteor Shower) अपने चरम पर होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, साफ मौसम और अंधेरे आसमान की स्थिति में एक घंटे के भीतर 50 से 100 या उससे अधिक उल्काएं दिखाई दे सकती हैं। आसमान में चमकती इन रोशनी की लकीरों को आमतौर पर “टूटते तारे” कहा जाता है।
Perseid Meteor Shower क्या है पर्सिड उल्का वर्षा का कारण?
पर्सिड उल्का वर्षा स्विफ्ट-टटल (Swift-Tuttle) धूमकेतु द्वारा छोड़े गए धूल और चट्टानी कणों से बनती है। जब पृथ्वी अपनी कक्षा में घूमते हुए इन कणों के बीच से गुजरती है, तो वे वायुमंडल में प्रवेश करते ही घर्षण के कारण जल उठते हैं। इसी प्रक्रिया से आसमान में चमकदार रोशनी की लकीरें बनती हैं, जिन्हें उल्का या शूटिंग स्टार कहा जाता है।

खगोलविदों के अनुसार, स्विफ्ट-टटल धूमकेतु सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 133 वर्ष का समय लेता है और यह सौर मंडल के सबसे प्रसिद्ध धूमकेतुओं में शामिल है।
Perseid Meteor Shower कब और कैसे देखें यह अद्भुत नजारा?
विशेषज्ञों का कहना है कि 12 अगस्त की देर रात से 13 अगस्त की सुबह तक का समय उल्का वर्षा देखने के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा। इस दौरान अमावस्या के कारण चांद की रोशनी नहीं होगी, जिससे आसमान अधिक अंधेरा रहेगा और उल्काओं को देखना आसान होगा।
बेहतर अनुभव के लिए शहरों की तेज रोशनी और प्रदूषण से दूर किसी खुले क्षेत्र का चयन करें। साफ आसमान और कम प्रकाश प्रदूषण वाली जगहों पर उल्का वर्षा का दृश्य सबसे आकर्षक दिखाई देगा। यदि मौसम अनुकूल रहा तो दर्शकों को आसमान में लगातार चमकती हुई कई उल्काएं देखने का अवसर मिल सकता है।
खगोल विज्ञान से जुड़े जानकारों का मानना है कि 2026 की पर्सिड उल्का वर्षा वर्ष के सबसे शानदार खगोलीय दृश्यों में से एक साबित हो सकती है।



