Iran Warning: ईरान और उसके विरोधियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया है। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान से आत्मसमर्पण की उम्मीद करना केवल एक सपना है। उनके मुताबिक, ईरान किसी सैन्य दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और देश मौजूदा संकट के बावजूद मजबूती से खड़ा है।
सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में पेजेशकियान ने कहा कि मौजूदा युद्ध की शुरुआत ईरान ने नहीं की थी। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष से पहले ईरानी सरकार बातचीत और कूटनीतिक रास्ते के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन परिस्थितियां धीरे-धीरे सैन्य टकराव की ओर बढ़ गईं।
Iran Warning: अमेरिका की सरेंडर की मांग को पेजेशकियान ने बताया सपना
मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका की ओर से ईरान पर आत्मसमर्पण के दबाव को खारिज करते हुए कहा कि ईरान को झुकाने की कोशिश सफल नहीं होगी। उनके मुताबिक, सैन्य दबाव के जरिए ईरान को कमजोर करने की उम्मीद रखने वालों को निराशा हाथ लगी है।
ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि देश पर लगातार हमलों के बावजूद ईरान अपनी स्थिति पर मजबूती से कायम है। उन्होंने कहा कि देश न तो दबाव में झुकेगा और न ही डरकर अपने रुख से पीछे हटेगा।
Iran Warning: पेजेशकियान का दावा, ईरान ने विरोधियों की रणनीति नाकाम की
पेजेशकियान के मुताबिक, विरोधियों को उम्मीद थी कि सैन्य कार्रवाई और लगातार बढ़ते दबाव के कारण ईरान के भीतर अस्थिरता पैदा होगी। उनका दावा है कि ऐसा नहीं हुआ और ईरान ने इन कोशिशों को नाकाम कर दिया।
उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात के बावजूद देश की व्यवस्था और नेतृत्व कायम है। पेजेशकियान ने यह भी दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियां ईरान की मजबूती को साबित करती हैं और देश आगे भी अपने रास्ते पर बढ़ता रहेगा।
Iran Warning: युद्ध शुरू करने वाले को ही करना होगा खत्म
ईरानी राष्ट्रपति ने युद्ध को लेकर अपने बयान में कहा कि ईरान ने संघर्ष की शुरुआत नहीं की है। उनका कहना था कि जिस पक्ष ने युद्ध शुरू किया है, उसी को इसे समाप्त करना होगा।
उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले ईरानी सरकार की प्राथमिकता बातचीत के जरिए समाधान तलाशना थी। हालांकि, उनके अनुसार घटनाक्रम इस दिशा में आगे नहीं बढ़ सका और परिस्थितियां सैन्य संघर्ष में बदल गईं।
Iran Warning: विरोधियों को 48 घंटे में ईरान पर कब्जे की उम्मीद थी
पेजेशकियान ने दावा किया कि उनके विरोधियों की रणनीति कुछ ऐसी थी, जिसमें ईरान को बेहद कम समय में कमजोर करने की उम्मीद की गई थी। उन्होंने इसकी तुलना सीरिया में हुए घटनाक्रम से करते हुए कहा कि विरोधियों को लगा था कि ईरान भी तेजी से अस्थिर हो जाएगा।
ईरानी राष्ट्रपति के अनुसार, यह आकलन गलत साबित हुआ। उन्होंने कहा कि ईरान ने विरोधियों की योजना को सफल नहीं होने दिया और देश की मौजूदा स्थिति यह दिखाती है कि उसे आसानी से अस्थिर नहीं किया जा सकता।
Iran Warning: सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर क्या बोले पेजेशकियान
इंटरव्यू के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर भी पेजेशकियान से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में खामेनेई से बातचीत करना काफी मुश्किल है।
हालांकि, पेजेशकियान ने उनकी मौजूदगी को ईरान की बड़ी ताकत बताया। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरानी नेतृत्व मौजूदा संकट के दौरान सर्वोच्च नेतृत्व की भूमिका को महत्वपूर्ण मान रहा है।
Iran Warning: खामेनेई की सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर सवाल
मुज्तबा खामेनेई की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर भी अलग-अलग तरह के दावे सामने आते रहे हैं। इजरायल की ओर से उनके स्वास्थ्य और स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि वह सार्वजनिक रूप से बहुत कम दिखाई दे रहे हैं।
वहीं, ईरान की ओर से उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति को सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कारणों से जोड़ा गया है। ऐसे में खामेनेई की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों का दौर जारी है।
Iran Warning: ईरान के भविष्य को लेकर पेजेशकियान का बड़ा दावा
पेजेशकियान ने अपने बयान में यह संदेश देने की कोशिश की कि मौजूदा संघर्ष के बावजूद ईरान पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि देश मौजूदा संकट से निकलकर और ज्यादा मजबूत होकर सामने आएगा।
ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बना हुआ है। पेजेशकियान ने अपने बयान के जरिए साफ संकेत दिया कि ईरानी नेतृत्व सैन्य दबाव के बावजूद अपने रुख में तत्काल बदलाव के पक्ष में नहीं है।



