ABVP Gorakhpur : गोरखपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने संगठन और उसके कार्यकर्ताओं पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। 24 सितंबर को आयोजित प्रेस वार्ता में परिषद के पदाधिकारियों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बिना प्रमाण किसी संगठन या उसके कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है। परिषद ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास आरोपों से जुड़े प्रमाण हैं तो उन्हें पुलिस, प्रशासन या संबंधित मंच के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रांत सह मंत्री निखिल गुप्ता, प्रांत मीडिया संयोजक शिवम पांडेय, आदित्य सिंह, गोरखपुर महानगर विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी और प्रशांत राज मौजूद रहे। परिषद की ओर से कहा गया कि संगठन के कार्यकर्ता विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने और विश्वविद्यालय में शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
ABVP Gorakhpur : अभाविप ने कहा- संगठन की छवि खराब करने का प्रयास
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रांत सह मंत्री निखिल गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कुछ लोगों की ओर से अभाविप और उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनगढ़ंत बातों के जरिए संगठन की छवि खराब करने और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।निखिल गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अपनी पढ़ाई के साथ विश्वविद्यालय परिसर और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए भी काम करते हैं। विद्यार्थियों की समस्याओं को सामने लाना, उनके हितों के लिए आवाज उठाना और परिसर में स्वस्थ शैक्षणिक माहौल बनाए रखना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
ABVP Gorakhpur : फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन का किया जिक्र
निखिल गुप्ता ने कहा कि जो लोग पूछ रहे हैं कि विद्यार्थी परिषद ने विद्यार्थियों के लिए क्या किया, उन्हें करीब तीन साल पहले का फीस वृद्धि आंदोलन याद करना चाहिए। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों पर फीस वृद्धि का बोझ डाले जाने के विरोध में परिषद ने व्यापक आंदोलन किया था।उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन के दौरान परिषद के आठ कार्यकर्ताओं को 11 दिनों तक जेल में रहना पड़ा, लेकिन कार्यकर्ताओं ने आंदोलन से पीछे हटने के बजाय विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाना जारी रखा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का काम किसी एक दिन या एक मुद्दे तक सीमित नहीं रहा है और संगठन लगातार विद्यार्थियों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान की कोशिश करता रहा है।
ABVP Gorakhpur : सोने की चेन से जुड़े दावे पर प्रमाण मांगे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में निखिल गुप्ता ने तीन लाख रुपये की सोने की चेन छीने जाने के दावे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में ऐसी कोई घटना हुई है तो संबंधित व्यक्ति को घटना से जुड़े प्रमाण और पुलिस या प्रशासन के समक्ष की गई शिकायत की जानकारी सामने रखनी चाहिए।उन्होंने कहा कि केवल किसी पर आरोप लगा देने से वह बात तथ्य साबित नहीं हो जाती। परिषद किसी भी विद्यार्थी के साथ अन्याय के पक्ष में नहीं है, लेकिन बिना प्रमाण संगठन या उसके कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाना भी उचित नहीं है।
ABVP Gorakhpur : शराब सेवन के आरोपों पर मेडिकल जांच की चुनौती
निखिल गुप्ता ने विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षकों और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर बैठकर शराब का सेवन करने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाने वालों को मेडिकल टेस्ट कराने की चुनौती दी।उन्होंने कहा कि यदि आरोप लगाने वाले अपने दावे को लेकर आश्वस्त हैं तो वे संबंधित लोगों के साथ चलकर नियमानुसार मेडिकल जांच करवा सकते हैं। उनके मुताबिक, जांच के बाद आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो जाएगी।निखिल गुप्ता ने कहा कि बिना प्रमाण ऐसे गंभीर आरोप लगाकर शिक्षकों और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की छवि खराब करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
ABVP Gorakhpur : प्रशांत त्रिपाठी बोले- आरोपों के प्रमाण सामने लाएं
गोरखपुर महानगर विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं या शिक्षकों के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से संबंधित प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप के जरिए विश्वविद्यालय का वातावरण खराब करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के हितों और विश्वविद्यालय में सकारात्मक एवं शैक्षणिक वातावरण के लिए काम करती रही है और आगे भी विद्यार्थियों की समस्याओं को मजबूती से उठाती रहेगी।
ABVP Gorakhpur : प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेज और प्रमाण रखे गए
प्रेस वार्ता के दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पत्रकारों के सामने विभिन्न दस्तावेज और अन्य प्रमाण प्रस्तुत किए। परिषद की ओर से इन दस्तावेजों के आधार पर कुछ लोगों पर आम विद्यार्थियों से पैसे वसूलने और उन्हें बहला-फुसलाकर आर्थिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए गए।परिषद ने कहा कि यदि इन आरोपों को लेकर किसी पक्ष को आपत्ति है तो वह संबंधित तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता है। संगठन ने एक बार फिर कहा कि गंभीर आरोपों को केवल बयान या आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखने के बजाय उनके समर्थन में प्रमाण सामने लाए जाने चाहिए।
ABVP Gorakhpur : अभाविप ने विश्वविद्यालय के माहौल को लेकर रखी अपनी बात
अभाविप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण प्रभावित नहीं होना चाहिए। संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए संबंधित पक्षों से प्रमाण सामने रखने की मांग की है।परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थी हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने का उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने बिना प्रमाण आरोप लगाने से बचने और किसी भी मामले में उपलब्ध तथ्यों को संबंधित प्रशासनिक या कानूनी मंच के सामने रखने की बात कही।
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