Report by: Pratap Singh Baghel
Morena : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जौरा में पुलिस कार्रवाई के दौरान युवक सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता की मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। युवक की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ नाराजगी है। गुरुवार सुबह मृतक के परिजन जौरा थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। जौरा विधायक पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में थाने के बाहर विरोध-प्रदर्शन जारी है।
वहीं, मृतक के परिजनों ने एमएस रोड पर भी बैठकर जाम लगा दिया। इसके चलते सड़क पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। परिजन घटना के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
Morena : पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई थी सूरज की मौत
मामला जौरा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस एक कार्रवाई के दौरान पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों में भगदड़ की स्थिति बनी और सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता भी भागने लगा। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान युवक गिर गया और उसकी हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, युवक की मौत के बाद उसके परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सूरज के साथ मारपीट की थी और इसी वजह से उसकी मौत हुई। पुलिस और परिजनों के दावों में अंतर होने के कारण मामले की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
Morena : विधायक के नेतृत्व में थाने के बाहर धरना
सूरज की मौत के बाद गुरुवार को परिजन जौरा थाने के बाहर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। जौरा विधायक पंकज उपाध्याय भी उनके साथ धरने में शामिल हुए। परिजनों की मुख्य मांग है कि घटना में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए।
धरने के दौरान परिजन लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल विभागीय कार्रवाई या निलंबन से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। वे घटना की जिम्मेदारी तय करने और पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
Morena : एमएस रोड पर जाम से यातायात प्रभावित
थाने के बाहर धरने के साथ ही मृतक के परिजनों ने एमएस रोड पर भी बैठकर विरोध जताया। सड़क पर जाम लगने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहने से सड़क पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
जाम और धरने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार अपनी मांग से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है।
Morena : पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
विरोध-प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद एसडीओपी एनआरएस बघेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों की ओर से परिजनों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन की कोशिश है कि सड़क पर लगे जाम को हटाया जाए और थाने के बाहर चल रहे विरोध को बातचीत के जरिए समाप्त कराया जाए। हालांकि, मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Morena : पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन से भी संतुष्ट नहीं परिवार
सूरज की मौत के बाद मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। यह कार्रवाई घटना में पुलिसकर्मियों की भूमिका और कथित लापरवाही को लेकर की गई।
हालांकि, मृतक के परिजनों का कहना है कि पांच पुलिसकर्मियों का निलंबन उनकी मांगों के लिए पर्याप्त नहीं है। परिवार चाहता है कि जिन पुलिसकर्मियों को घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है, उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। इसी मांग को लेकर परिजन लगातार विरोध कर रहे हैं।
Morena : पुलिस और परिजनों के दावों में अंतर
इस पूरे मामले में पुलिस और मृतक के परिवार की ओर से अलग-अलग बातें सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान युवक भाग रहा था और इसी दौरान गिरने के बाद उसकी मौत हुई। दूसरी ओर, परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
ऐसे में मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होने की बात सामने आई है।
Morena : जौरा में तनावपूर्ण माहौल, कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन
सूरज की मौत के बाद जौरा में विरोध का सिलसिला शुरू हो गया है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने भी विरोध जताया था और थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
फिलहाल थाने के बाहर विधायक के नेतृत्व में धरना जारी है और एमएस रोड पर भी परिजनों के विरोध के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मृतक का परिवार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कराने की मांग पर कायम है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की बातचीत के बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।


