Report by: Vandana Rawat
CM Yogi: श्रावण माह के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक संदेश जारी किया है। उन्होंने श्रावण को केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि लोकमंगल, श्रम-सम्मान, सामूहिकता, प्रकृति संरक्षण और सेवा का महापर्व बताया। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
CM Yogi: श्रावण लोकमंगल और सामूहिकता का पावन पर्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि श्रावण भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण महीना है। यह महीना लोकमंगल, श्रम-सम्मान और सामूहिक जीवन मूल्यों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि श्रावण हमें समाज, प्रकृति और संस्कृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी एहसास कराता है।
CM Yogi: भगवान शिव की आराधना देती है सेवा और समरसता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव की उपासना केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संयम, सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश भी देती है। उन्होंने कहा कि शिव आराधना लोगों को त्याग, करुणा और लोककल्याण की भावना अपनाने की प्रेरणा देती है।
CM Yogi: हलाहल पान सर्वोच्च त्याग और लोककल्याण का प्रतीक
सीएम योगी ने भगवान शिव द्वारा समुद्र मंथन के दौरान हलाहल विष का पान किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सर्वोच्च त्याग और लोककल्याण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि समाज के हित को सर्वोपरि रखना ही भगवान शिव के जीवन का सबसे बड़ा संदेश है।
CM Yogi: श्रावण में सामूहिक श्रम और सहभोज की परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण माह कृषि और ग्रामीण जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। धान की रोपाई के बाद गांवों में सहभोज, सामूहिक श्रम और सामाजिक सहभागिता की परंपरा भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान है। यह परंपरा समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करती है।
CM Yogi: प्रकृति संरक्षण और सहअस्तित्व का देता है संदेश
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि श्रावण हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग का संकल्प लेने की अपील की। उनका कहना था कि प्रकृति और मानव का सहअस्तित्व ही सतत विकास की आधारशिला है।
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण तभी सफल होगा जब इसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को जल बचाने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर प्रयास करने चाहिए। जल की हर बूंद भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
पंचतत्वों में जल का है सबसे महत्वपूर्ण स्थान
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि पंचतत्वों में जल जीवन का मूल आधार है। मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और जैव विविधता का अस्तित्व जल पर निर्भर है। इसलिए जल का संरक्षण केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
उत्तर प्रदेश में विकसित किए गए करीब 20 हजार अमृत सरोवर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए करीब 20 हजार अमृत सरोवर विकसित किए गए हैं। इन सरोवरों के माध्यम से वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में सुधार और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली है।
लखनऊ की सोसाइटी बनी जल संरक्षण की मिसाल
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की एक आवासीय सोसाइटी का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां 50 हजार लीटर जल पुनर्भरण (रिचार्ज) की सफल पहल की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं और अन्य स्थानों पर भी इन्हें अपनाया जाना चाहिए।
श्रावण को सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का माह बनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि श्रावण माह को सेवा, स्वच्छता, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के अभियान के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उतना ही आवश्यक है।
हर बूंद बचाने और हर पौधे की रक्षा का लें संकल्प
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बूंद का सम्मान करें, हर पौधे का संरक्षण करें और प्रकृति से जितना लें, उतना उसे लौटाने का भी संकल्प लें। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी से जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का अभियान और अधिक प्रभावी बनेगा।



