दिल्ली कांग्रेस ने युवा उड़ान योजना की घोषणा की
भोपाल: लोकतंत्र की ये बड़ी खूबी है, कि जब-जब चुनाव आते हैं राजनीतिक दल जनता को लुभाने वादों की झड़ी लगा देते हैं। ये अलग बात है कि चुनाव में विजयी होने के बाद या यूं कह लें सरकार बनने के बाद चुनावी वादों पर अमल कम ही होता है। इसका बड़ा कारण है, राज्य सरकारों के पास बजट की कमी साथ-साथ इच्छाशक्ति की भी कमी होती है। लेकिन मध्यप्रदेश जैसे आर्थिक रूप से कमजोर राज्य देश में ‘फ्री बीज’ योजना का ट्रेंड सेटर बना हुआ है। मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ शुरू की थी, जिसका विधानसभा चुनाव 2023 में बीजेपी को बंपर फायदा मिला। बीजेपी पिछले चुनाव से कहीं अधिक मतों से अपनी सत्ता बरकरार रखने में कामयाब रही। ये अलग बात है कि शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, लेकिन लाड़ली बहना योजना के विजन का श्रेय उन्हें ही जाता है। शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल में एक और योजना शुरू की थी, ‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ उसके अंतर्गत भी युवाओं को हर महीने कौशल की ट्रेनिंग के साथ स्टाईपेंड 5000 से 9500 रु. तक ट्रांसफर करने की योजना थी, हालांकि ये योजना मध्य प्रदेश में दम तोड़ गई, लेकिन मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना चल निकली। म.प्र. के बाद छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड़ में भी महिलाओं को हर महीने नकद पैसे ट्रांसफर करने वाली योजनाओं का लाभ मिला है। महिलाओं ने भी दिल खोलकर उस पार्टी को अपने वोट दिया है। जिसने चुनाव ये पहले कैश ट्रांसफर या ‘फ्री बीज’ वाली योजना लॉन्च कर दी थी। अब दिल्ली में कांग्रेस ने युवाओं को लुभाने युवा उड़ान योजना लाने की घोषणा की है। इसका कितना फायदा कांग्रेस को मिलेगा ये तो चुनाव बाद ही पता चलेगा। ये योजनाएं चुनावी हैं, लेकिन पहले से देश में केंद्र सरकार और राज्य सरकारें युवाओं को कौशल प्रदान करने योजनाएं चला रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना भारत के प्रत्येक राज्य का लक्ष्य है। इन योजनाओं के माध्यम से न केवल युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि वे अपने कौशल का विकास करके देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रहे हैं। युवाओं को चाहिए कि वे इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और उनका अधिकतम लाभ उठाएँ। ये प्रयास न केवल उनके जीवन को बेहतर बनाएगा, बल्कि देश के विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगा।

इन राज्यों में चल रही, युवाओं के लिए ये योजनाएं
- उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है। इस योजना के तहत उद्योग, सेवा और व्यापारिक गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा ब्याज पर सब्सिडी भी दी जाती है, ताकि युवा आसानी से अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें। - राजस्थान: मुख्यमंत्री युवा संबल योजना
राजस्थान सरकार की यह योजना बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए चलाई गई है। इसके तहत स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री धारकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। इसके अलावा, युवाओं को सरकारी नौकरी की तैयारियों के लिए निःशुल्क कोचिंग भी उपलब्ध कराई जाती है। - दिल्ली: जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना
दिल्ली सरकार ने इस योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान की है। यह योजना युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार पाने के लिए सक्षम बनाती है। - हरियाणा: सक्षम युवा योजना
हरियाणा सरकार ने बेरोजगार स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और उनके कौशल को बढ़ाने के लिए सक्षम युवा योजना शुरू की है। इस योजना के तहत युवाओं को शिक्षा के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाती है और उन्हें सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम करने के अवसर मिलते हैं। - पश्चिम बंगाल: युवा शक्ति योजना
पश्चिम बंगाल सरकार की यह योजना राज्य के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन और सब्सिडी दी जाती है। साथ ही, युवा नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जाता है। - महाराष्ट्र: युवाशक्ति रोजगार योजना
महाराष्ट्र सरकार ने इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया है। कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए विशेष प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता दी जाती है। - तमिलनाडु: अम्मा स्किल ट्रेनिंग एंड एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम
तमिलनाडु सरकार ने इस योजना के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए। ये योजना विशेष रूप से उद्योग आधारित कौशल पर ध्यान केंद्रित करती है, ताकि युवा रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। - कर्नाटक: कौशल कर्नाटक योजना
कर्नाटक सरकार ने राज्य के युवाओं को उद्योग-विशिष्ट कौशल प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। - तेलंगाना: टी-हब और टी-वर्क्स
तेलंगाना सरकार ने नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए “टी-हब” और “टी-वर्क्स” जैसी योजनाएँ शुरू की हैं। ये पहल युवाओं को उद्यमिता और तकनीकी विकास के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती हैं। - झारखंड: मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना
झारखंड सरकार की यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके तहत युवाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने के लिए सब्सिडी और ऋण दिया जाता है।
युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना भारत के प्रत्येक राज्य का लक्ष्य है। इन योजनाओं के माध्यम से न केवल युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि वे अपने कौशल का विकास करके देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रहे हैं। युवाओं को चाहिए कि वे इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और उनका अधिकतम लाभ उठाएँ। यह प्रयास न केवल उनके जीवन को बेहतर बनाएगा, बल्कि देश के विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगा।





