Jabalpur : बरगी डैम क्रूज हादसे में सनसनीखेज खुलासा: इंजन फेल होने की शिकायत को दबाया, ‘सब ठीक है’ कह पानी में उतारा; MP टूरिज्म के 3 बड़े अधिकारी कटघरे में

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Jabalpur

Jabalpur : मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीते महीने बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे की न्यायिक जांच में एक ऐसा चौंकाने वाला मोड़ आया है, जिसने प्रशासनिक और तकनीकी अमले की संवेदनहीनता को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। जांच आयोग के हाथ एक ऐसा गोपनीय दस्तावेज (पत्र) लगा है, जिससे साबित होता है कि यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि ‘सिस्टम द्वारा जनित’ घोर लापरवाही थी। हादसे से पहले ही लिखित शिकायत दी गई थी कि क्रूज का एक इंजन पूरी तरह ठप हो चुका था और दूसरा भी काम नहीं कर रहा था। इसके बावजूद, पर्यटकों की जान जोखिम में डालकर मौत के इस क्रूज को पानी में उतारा जाता रहा।

Jabalpur जांच आयोग के हाथ लगा ‘लापरवाही का पुख्ता सबूत’

रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में चल रहे न्यायिक जांच आयोग के सामने आए दस्तावेजों ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है:

  • चेतावनी को किया दरकिनार: जांच में सामने आए पत्र के अनुसार, क्रूज के इंजनों में गंभीर तकनीकी खराबी आ चुकी थी। एक इंजन पूरी तरह कबाड़ हो चुका था, जबकि दूसरा भी स्टार्ट होने में लगातार दिक्कतें दे रहा था।
  • कागजों पर ‘ऑल ओके’: इस गंभीर तकनीकी खराबी और संभावित खतरे की लिखित चेतावनी मिलने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने क्रूज का संचालन बंद नहीं कराया। “सब ठीक चल रहा है” के ढर्रे पर लगातार क्रूज में क्षमता के अनुसार पर्यटकों को बिठाकर गहरे पानी में भेजा जाता रहा।

Jabalpur एमपी टूरिज्म के रीजनल मैनेजर सहित 3 अफसरों पर गिरेगी गाज

कड़े एक्शन की तैयारी: इस बेहद गंभीर और सनसनीखेज खुलासे के बाद जस्टिस संजय द्विवेदी के नेतृत्व वाले आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हादसे को लेकर सीधे तौर पर मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (MP Tourism) के तीन शीर्ष कर्णधारों को कटघरे में खड़ा किया गया है:

  1. संजय मल्होत्रा: रीजनल मैनेजर, मध्य प्रदेश टूरिज्म (जबलपुर)।
  2. मैनेजर: मैकल बोट क्लब (बरगी डैम)।
  3. टेक्निकल एक्सपर्ट: मध्य प्रदेश टूरिज्म।

बुद्धवार को आयोग के समक्ष टेक्निकल एक्सपर्ट के विस्तृत बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि रीजनल मैनेजर और बोट क्लब मैनेजर से इस जानलेवा लापरवाही को लेकर तीखे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। जांच आयोग का स्पष्ट कहना है कि उनका मकसद न केवल दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजना है, बल्कि पूरे लापरवाह तंत्र की रीढ़ तोड़ना और भविष्य के लिए ऐसे कड़े नियम बनाना है जिससे फिर कभी मासूम जिंदगियां दांव पर न लगें।

Jabalpur क्या था पूरा हादसा? (फ्लैशबैक)

यह भीषण जल त्रासदी इस वर्ष अप्रैल के आखिरी दिन घटित हुई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था:

  • तारीख और घटना: बीते 30 अप्रैल 2026 को जबलपुर के बरगी जलाशय में अचानक आए तेज चक्रवाती तूफान और ऊंची लहरों के कारण पर्यटकों से भरा क्रूज असंतुलित होकर पलट गया था।
  • जान-माल का नुकसान: हादसे के वक्त क्रूज पर कुल 41 लोग सवार थे। दोनों इंजनों के सही तरीके से रिस्पॉन्ड न करने के कारण क्रूज लहरों से बच नहीं सका, जिसके चलते 13 पर्यटकों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि रेस्क्यू टीम ने 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया था।
  • मुआवजे का ऐलान: घटना पर गहरा दुख जताते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के शोक संतप्त परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (मुआवजा) देने की घोषणा की थी।

अब इस नए पत्र के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि यदि समय रहते क्रूज के खराब इंजनों की मरम्मत करा ली गई होती, तो शायद तूफान के बीच भी 13 मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।

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