Sehore मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को आष्टा में आयोजित विशाल सामूहिक विवाह सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित किया। इस अवसर पर 200 बेटियों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में विवाह केवल एक समझौता नहीं, बल्कि जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन है। उन्होंने समाज के समृद्ध वर्ग से भी अपील की कि वे सादगी अपनाकर सामूहिक विवाहों को एक ‘ट्रेंड’ के रूप में स्थापित करें।

Sehore फिजूलखर्ची पर रोक: मुख्यमंत्री ने साझा किया निजी अनुभव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामूहिक विवाह सम्मेलनों को सामाजिक चेतना का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन दिखावे और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का सशक्त माध्यम हैं। सादगी का उदाहरण पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं भी अपने पुत्र का विवाह सामूहिक सम्मेलन के माध्यम से ही संपन्न कराया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि समाज का संपन्न वर्ग भी इसे अपनाता है, तो अनावश्यक खर्च बचेगा और उन संसाधनों का उपयोग परिवार के भविष्य निर्माण में किया जा सकेगा।
Sehore कर्ज मुक्त विदाई: 1.70 लाख बेटियों के हाथ हुए पीले
योजना की सफलता का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026 तक प्रदेश में 1 लाख 70 हजार 187 बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत कराया गया है। इस मद में अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के इस साझा प्रयास से अब गरीब माता-पिता को बेटी की शादी के लिए कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियां भी पूरे सम्मान के साथ विदा होती हैं।
Sehore शिक्षा पर जोर: माता-पिता के उत्तरदायित्वों का बोध
विवाह के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा को लेकर भी गंभीर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित करना और उनके लिए पर्याप्त प्रबंध करना हर माता-पिता का प्राथमिक दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीक्षा सोनू गुणवान सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में वर-वधु के परिजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन वर्तमान समय में समाज सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बन चुके हैं।





