रिपोर्टर: निज़ाम अली
Pilibhit उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने एक लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद तहसील परिसर और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
Pilibhit महिला की शिकायत पर एक्शन: ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने भी दिया साथ
मामला बीसलपुर तहसील के ग्राम बडेपुरा का है, जहाँ एक महिला ने लेखपाल धर्मपाल पर काम के बदले ₹5000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया था। महिला की शिकायत के बाद गांव के प्रधान और अन्य ग्रामीणों ने भी लेखपाल की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भ्रष्टाचार की इस गूंज ने जिला प्रशासन को हरकत में ला दिया।
Pilibhit डीएम की त्वरित जांच: आरोपों की पुष्टि के बाद निलंबन
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए। विभागीय जांच में लेखपाल पर लगे आरोपों की प्रारंभिक पुष्टि होने के बाद डीएम ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लेखपाल धर्मपाल को सस्पेंड कर दिया। डीएम ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम जनता के काम में बाधा डालने वाले या अनुचित मांग करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
Pilibhit जनता में खुशी की लहर: प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास
लेखपाल पर हुई इस निलंबन की कार्रवाई के बाद बीसलपुर क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के कड़े कदमों से ईमानदार अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। पीलीभीत प्रशासन की इस सख्ती ने जिले के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों को भी कड़ी चेतावनी दे दी है कि भ्रष्टाचार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





