BY
Yoganand Shrivastava
Asansol पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीतिक और सामाजिक दिशा बदल दी है। आसनसोल में श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित एक ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर, जो पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा था, उसे चुनाव परिणाम आने के बाद फिर से खोल दिया गया है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु इसे राज्य में हुए सत्ता परिवर्तन और ‘नए युग’ की शुरुआत से जोड़कर देख रहे हैं।

Asansol आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पॉल की बड़ी जीत
आसनसोल में मंदिर खुलने की घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहाँ की दक्षिण सीट से भाजपा की दिग्गज नेता अग्निमित्रा पॉल ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 40,839 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी है। अग्निमित्रा पॉल न केवल क्षेत्र में लोकप्रिय हैं, बल्कि वर्तमान में उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में से एक भी माना जा रहा है।

Asansol बंगाल में भाजपा का ‘प्रचंड’ जनादेश
इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वर्चस्व को खत्म करते हुए ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है। भाजपा ने कुल 207 सीटों पर जीत का परचम लहराया है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है। अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस और AJUP को 2-2 सीटें मिली हैं, जबकि CPIM को मात्र 1 सीट से संतोष करना पड़ा है।

Asansol मुख्यमंत्री की रेस और केंद्रीय पर्यवेक्षक की भूमिका
शानदार जीत के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बंगाल की कमान किसके हाथों में होगी। मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। सीएम पद की रेस में अग्निमित्रा पॉल के साथ-साथ शुभेंदु अधिकारी का नाम भी तेजी से चल रहा है, जिन्होंने ममता बनर्जी को उनके ही क्षेत्र में मात दी है। भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद जल्द ही नेतृत्व के नाम पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद है।
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