Kerala Election Results 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। राज्य में मुख्य मुकाबला एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) के बीच है, जबकि Bharatiya Janata Party के नेतृत्व वाला एनडीए भी कई सीटों पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
Kerala Election Results 2026: शुरुआती रुझानों में यूडीएफ को बढ़त
ताजा रुझानों के अनुसार, यूडीएफ करीब 94 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि एलडीएफ 41 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। एनडीए को भी 5 सीटों पर बढ़त मिली है। इन आंकड़ों से संकेत मिल रहा है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन संभव हो सकता है।
Kerala Election Results 2026: कांग्रेस की बढ़त, लेफ्ट के दिग्गज पीछे
मतगणना के पहले डेढ़ घंटे में कांग्रेस ने निर्णायक बढ़त बना ली है। कई सीटों पर एलडीएफ के दिग्गज उम्मीदवार पीछे चल रहे हैं। इससे Indian National Congress के नेतृत्व वाले गठबंधन का मनोबल बढ़ा है।
Kerala Election Results 2026: बीजेपी का खुल रहा खाता
इस बार केरल में बीजेपी के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही थी और शुरुआती रुझान उसी दिशा में इशारा कर रहे हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Rajeev Chandrasekhar ने नेमों सीट से बढ़त बना रखी है, जबकि वी मुरलीधरन भी अपनी सीट पर आगे चल रहे हैं।
Kerala Election Results 2026: पिनाराई विजयन अपनी सीट पर आगे
एलडीएफ के नेता और मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan धर्मदम सीट से आगे चल रहे हैं। हालांकि, राज्य स्तर पर एलडीएफ को नुकसान होता दिख रहा है, जिससे उनकी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीदों को झटका लग सकता है।
Kerala Election Results 2026: वट्टियूरकावु सीट पर बीजेपी उम्मीदवार पीछे
वट्टियूरकावु सीट से बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा पीछे चल रही हैं। यह सीट शुरुआती रुझानों में बीजेपी के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
Kerala Election Results 2026: आरजेडी को भी एक सीट पर बढ़त
केरल में Rashtriya Janata Dal भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराती दिख रही है। पार्टी एक सीट पर आगे चल रही है। पार्टी नेता Tejashwi Yadav ने भी राज्य में चुनाव प्रचार किया था।
Kerala Election Results 2026: करीबी मुकाबले के बीच निर्णायक मोड़ पर केरल
एग्जिट पोल में मुकाबला बेहद करीबी बताया गया था। कुछ अनुमानों में एलडीएफ की वापसी की संभावना जताई गई थी, जबकि कुछ में सत्ता परिवर्तन की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री विजयन का शासन मॉडल, जो कल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर आधारित है, इस चुनाव का मुख्य मुद्दा रहा।
वहीं, यूडीएफ ने सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने की रणनीति अपनाई थी। अब शुरुआती रुझानों से साफ है कि केरल की राजनीति एक अहम मोड़ पर खड़ी है और अंतिम नतीजे राज्य की दिशा तय करेंगे।
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