Aaj ka Panchang: 2 मई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि, विशाखा नक्षत्र और व्यतिपात योग का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही त्रिपुष्कर योग और श्री नारद जयंती का पावन अवसर भी इस दिन को और अधिक शुभ बना रहा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश भारद्वाज के अनुसार, यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा या पूजा-पाठ की योजना बना रहे हैं तो शुभ चौघड़िया, राहुकाल और दिशा शूल का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
आज का पंचांग 2 मई 2026
- विक्रम संवत् – 2083
- संवत्सर नाम – रौद्र
- शक संवत् – 1948
- हिजरी सन् – 1447
- ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
- अयन – उत्तरायण
- मास – प्रथम ज्येष्ठ (शुद्ध) प्रारंभ
- पक्ष – कृष्ण पक्ष प्रारंभ
आज के शुभ चौघड़िया
शुभ कार्यों के लिए ये समय रहेंगे उत्तम
| चौघड़िया | समय | विशेषता |
|---|---|---|
| शुभ | सुबह 7:30 से 9:08 तक | नए कार्य शुरू करने के लिए श्रेष्ठ |
| चर | दोपहर 12:24 से 2:02 तक | सामान्य कार्यों के लिए अनुकूल |
| लाभ | दोपहर 2:02 से 3:40 तक | आर्थिक और लाभकारी कार्यों हेतु अच्छा |
| अमृत | शाम 3:40 से 5:18 तक | सभी मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ |
यात्रा से पहले जरूर जानें ये जानकारी
आज राहुकाल सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा, इसलिए पूर्व दिशा की यात्रा टालना शुभ माना गया है।
तिथि, नक्षत्र और योग
दिनभर रहेगा विशाखा नक्षत्र का प्रभाव
- प्रतिपदा तिथि रात्रि 12:50 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ होगी।
- विशाखा नक्षत्र पूरे दिन और रात्रि तक प्रभावी रहेगा।
- व्यतिपात योग रात्रि 9:45 बजे तक रहेगा, इसके बाद वरियान योग शुरू होगा।
- बालव करण दिन 11:51 बजे तक रहेगा, फिर कौलव करण प्रारंभ होगा।
- त्रिपुष्कर योग रात्रि 12:50 बजे से शुरू होगा।
श्री नारद जयंती का विशेष महत्व
आज श्री नारद जयंती मनाई जाएगी। इसके अलावा व्यतिपात पुण्य काल और गुरु अर्जुन देव जयंती भी विशेष महत्व रखती है।
रात में राशि परिवर्तन करेंगे चंद्रमा
चंद्रमा रात्रि 12:30 बजे तक तुला राशि में रहेंगे, इसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे।
वहीं बुध ग्रह रात्रि 12:56 बजे पूर्व दिशा में अस्त होंगे।
जानें नामाक्षर और राशि
आज रात्रि 12:30 बजे तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी, जबकि इसके बाद जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक मानी जाएगी।
आज जन्म लेने वाले बच्चों का नक्षत्र विशाखा रहेगा और नामाक्षर ती, तु, ते और तो शुभ माने गए हैं।
तुला राशि के जातक
तुला राशि का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इस राशि के लोग सौम्य, कलात्मक और आकर्षक व्यक्तित्व वाले माने जाते हैं। इन्हें घूमने-फिरने और सुंदर चीजों का शौक होता है। ये न्यायप्रिय और बुद्धिमान स्वभाव के होते हैं।
वृश्चिक राशि के जातक
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल ग्रह होता है। इस राशि के लोग मेहनती, साहसी और दृढ़ निश्चयी माने जाते हैं। ये अपने फैसले खुद लेने में सक्षम होते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत बने रहते हैं।





