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Mandip Khol Cave : दुर्गम जंगलों में उमड़ा आस्था का सैलाब, मंडीप खोल गुफा में 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए महादेव के दर्शन

Mandip Khol Cave : खतरनाक रास्तों और उफनती नदी को पार कर पहुंचे भक्त, 16 बार नदी पार करना बना चुनौती

Mandip Khol Cave : खैरागढ़ की मैकल पर्वतमाला में स्थित मंडीप खोल गुफा एक बार फिर आस्था का बड़ा केंद्र बन गई है। अक्षय तृतीया के बाद पहले सोमवार को जैसे ही गुफा के द्वार खुले, हजारों श्रद्धालु दुर्गम पहाड़ियों और खतरनाक रास्तों को पार कर भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। इस साल करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इस स्थल को विशाल धार्मिक आयोजन में बदल दिया।

Mandip Khol Cave

Mandip Khol Cave : छुईखदान विकासखंड के ग्राम ठाकुरटोला के पास स्थित इस गुफा तक पहुंचना आसान नहीं है। श्रद्धालुओं को घने जंगलों के बीच एक ही नदी को 16 बार पार करना पड़ता है, जहां हर कदम जोखिम भरा होता है। गुफा का प्रवेश द्वार बेहद संकरा है, लेकिन अंदर पहुंचने पर इसका विशाल स्वरूप श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित कर देता है। शिवलिंग तक पहुंचने के लिए करीब 25 फीट ऊंची लकड़ी की सीढ़ी चढ़नी पड़ती है।

Mandip Khol Cave : रहस्यमयी गुफा में उमड़ी भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था में जुटा प्रशासन

Mandip Khol Cave : स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भस्मासुर से बचने के लिए भगवान शिव ने इसी गुफा में शरण ली थी, जिससे यह स्थान आस्था और रहस्य का केंद्र बना हुआ है। खास बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद गुफा के भीतर ऑक्सीजन की कमी महसूस नहीं होती, जो आज भी शोध का विषय है।

Mandip Khol Cave

Mandip Khol Cave : भीड़ और कठिन परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीम पूरी तरह मुस्तैद रही। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाता है, बल्कि प्रशासन की व्यवस्था और जिम्मेदारी की भी बड़ी परीक्षा साबित हुआ।

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