Report: Prem Shrivastva
Jamshedpur इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) द्वारा रविवार को बिष्टुपुर के एक निजी होटल में महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुंबई की प्रसिद्ध रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मालिनी लवांडे ने चिकित्सा क्षेत्र में उभरती नई तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

Jamshedpur AI बनाम मानव बुद्धिमत्ता: केवल निर्देशों का पालन
डॉ. मालिनी लवांडे ने स्पष्ट किया कि यद्यपि AI ने रेडियोलॉजी के प्रबंधन और कार्यप्रणाली को तेज और आसान बना दिया है, लेकिन यह कभी भी मानव बुद्धिमत्ता (Human Intelligence) का स्थान नहीं ले सकता। उन्होंने जोर देकर कहा:

- निर्णय क्षमता: AI केवल दिए गए निर्देशों पर काम करता है और अपने स्तर पर कोई स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकता।
- सहयोगी उपकरण: यह चिकित्सकों के कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक सहायक टूल की तरह है, न कि उनका विकल्प।
Jamshedpur अत्याधुनिक मशीनें और सटीक जांच
सेमिनार के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में आए तकनीकी बदलावों पर भी चर्चा हुई। डॉ. लवांडे ने बताया कि:

- सूक्ष्म नसों की जांच: वर्तमान में उपलब्ध आधुनिक अल्ट्रासाउंड और एमआरआई मशीनों की मदद से शरीर की सूक्ष्म नसों और आंतरिक संरचनाओं को स्पष्ट देखना संभव है, जिससे रोग की पहचान अधिक सटीक हो गई है।
- रेडिएशन का सच: उन्होंने बताया कि एक्स-रे और सीटी स्कैन में रेडिएशन की मात्रा इतनी कम होती है कि उसका कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं पड़ता, जबकि अल्ट्रासाउंड पूरी तरह सुरक्षित है।
Jamshedpur प्रशासनिक और चिकित्सा जगत की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडेय, सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी और सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर आईआरआईए जमशेदपुर चैप्टर की अध्यक्ष डॉ. नीलम जैन और सचिव डॉ. अभिषेक जायसवाल सहित शहर के कई प्रतिष्ठित चिकित्सक उपस्थित रहे।





