Lucknow लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस के दीक्षांत परेड समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए बैच के आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब आधुनिकता, संवेदनशीलता और शौर्य का नया मानक स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला आरक्षियों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश की सुरक्षा की नई ताकत बताया।
Lucknow कठोर प्रशिक्षण और कर्तव्य का संकल्प 🏋️
मुख्यमंत्री ने नए आरक्षियों को संबोधित करते हुए अनुशासन के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बहाया गया “पसीना” ही भविष्य में नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और संकट के समय कम से कम नुकसान होने देगा। उन्होंने जोर दिया कि कानून का उपयोग दो तरफा होना चाहिए: अपराधियों के लिए कठोरतम और आम जनता के लिए अत्यंत संवेदनशील। इससे न केवल पुलिस की छवि सुधरेगी, बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ेगा। 🛡️
Lucknow पुलिस बल का आधुनिकीकरण और बदलती तस्वीर 💻
योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पहले की चुनौतियों और वर्तमान की प्रगति के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि अब पुलिस कर्मियों को टूटे-फूटे बैरकों के बजाय 55 जिलों में हाईराइज आवासीय सुविधाएं मिल रही हैं। ट्रेनिंग को वैज्ञानिक बनाने के लिए ‘स्मार्ट पीटी’ और ‘यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल’ जैसे डिजिटल समाधान लागू किए गए हैं। साथ ही, अब पुरानी राइफलों की जगह INSAS और SLR जैसे आधुनिक हथियारों का उपयोग प्रशिक्षण का हिस्सा बन चुका है।
Lucknow ‘मिशन शक्ति’ और महिला सशक्तीकरण की नई ऊंचाइयां
प्रदेश में सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक प्रगति के लिए महिला शक्ति की भूमिका को अहम बताया गया। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि यूपी पुलिस में महिलाओं की भागीदारी 13% से बढ़कर अब 36% से अधिक हो गई है। ‘मिशन शक्ति’ के तहत हर थाने में विशेष केंद्र और नई महिला पीएसी बटालियनों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इसी मनोबल के कारण आज यूपी अपराध मुक्त हो रहा है और बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को आकर्षित कर रहा है।





