रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Firozabad जनपद में आयोजित ‘महिला जन आक्रोश अभियान’ में शामिल होने पहुँचीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने महिला आरक्षण से लेकर स्मार्ट मीटर विवाद तक पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति का दौर अब खत्म होना चाहिए।
Firozabad महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष को बताया ‘महिला विरोधी’
डॉ. बबीता चौहान ने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल परिवारवाद की राजनीति में विश्वास रखता है, जिसके कारण वह महिला सशक्तिकरण के वास्तविक प्रयासों में बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा, “सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन विपक्ष इस महत्वपूर्ण मुद्दे को भटकाकर केवल राजनीति करने में जुटा है।”
Firozabad पुरुषों पर अत्याचार की बात और ‘पुरुष आयोग’ की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान एक चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण बिंदु तब सामने आया जब डॉ. चौहान ने पुरुषों के खिलाफ बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पुरुषों पर हो रहे अत्याचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और अब समय आ गया है कि एक ‘पुरुष आयोग’ के गठन पर गंभीरता से विचार किया जाए। महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा पुरुष अधिकारों की बात करना चर्चा का विषय बना रहा।
Firozabad स्मार्ट मीटर विरोध को बताया विपक्षी साजिश
शहर में स्मार्ट मीटरों को लेकर महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. चौहान ने इसे विपक्ष की सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि निर्दोष महिलाओं को गुमराह करके आगे किया जा रहा है, जबकि तकनीक और विकास के कार्यों में बाधा पहुँचाना विपक्ष का पुराना एजेंडा रहा है। हालांकि, जब उनसे डीएम-तहसीलदार विवाद में जिलाध्यक्ष की भूमिका पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से पूरी तरह इनकार कर दिया।





