Jabalpur जबलपुर में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल की गई। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में आयोजित ‘स्वास्थ्य एवं विधिक साक्षरता शिविर’ के माध्यम से बंदियों को न्याय और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में बड़ी राहत पहुंचाई गई। इस विशाल शिविर का शुभारंभ मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
Jabalpur विधिक अधिकारों पर जोर और त्वरित न्याय का निर्देश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने बंदियों को संबोधित करते हुए उनके कानूनी अधिकारों और निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
- बंदियों के लंबित प्रकरणों का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
- नियमानुसार पात्रता रखने वाले बंदियों को माफी (Remission) का लाभ दिलाने के लिए त्वरित कार्यवाही की जाए।
Jabalpur विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने किया 265 बंदियों का परीक्षण
स्वास्थ्य शिविर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर में जनरल मेडिसिन, सर्जरी, डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग), ईएनटी (नाक-कान-गला), डेंटल, न्यूरोलॉजी और स्त्री रोग विशेषज्ञों ने कुल 265 बंदियों की जांच की। परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद बंदियों को मौके पर ही निशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
Jabalpur जेल प्रशासन का सराहनीय समन्वय
जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर और उनकी टीम के विशेष सहयोग से इस विशाल शिविर का सफल आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी द्वारा किया गया। उच्च न्यायालय की इस पहल को जेल में बंदियों के कल्याण और सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





