Report: Avinash Shrivastva
Sasaram बिहार के सासाराम में सूर्य देव के कड़े तेवर ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँचने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। गर्मी की तपिश और लू (हीट वेव) के बढ़ते खतरों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे ने आपातकालीन तैयारियां तेज कर दी हैं।
Sasaram वातानुकूलित ‘हीट वेव वार्ड’ की स्थापना
गर्मी से बीमार होने वाले मरीजों के बेहतर इलाज के लिए सासाराम के सदर अस्पताल में एक विशेष हीट वेव वार्ड बनाया गया है। लू की चपेट में आने वाले मरीजों को तुरंत राहत पहुँचाने के उद्देश्य से इस वार्ड में एयर कंडीशनर (AC) लगाए गए हैं, ताकि अस्पताल के भीतर तापमान को नियंत्रित रखा जा सके। इसके साथ ही वार्ड में आधुनिक स्वास्थ्य उपकरण भी स्थापित किए गए हैं।
Sasaram विशेषज्ञ डॉक्टरों और नोडल अधिकारियों की तैनाती
अस्पताल प्रबंधन ने हीट वेव से निपटने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया है। स्वास्थ्य विभाग ने एक समर्पित मेडिकल टीम का गठन किया है जो 24 घंटे आपात स्थितियों की निगरानी करेगी। अस्पताल में ओआरएस (ORS), ग्लूकोज और लू के इलाज के लिए आवश्यक सभी महत्वपूर्ण दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है, ताकि मरीजों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो।
Sasaram भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, बचाव की अपील
सासाराम में बढ़ते पारे ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। यदि अचानक चक्कर आना या तेज बुखार जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत सदर अस्पताल के स्पेशल वार्ड में संपर्क करें, जहाँ मुस्तैद डॉक्टरों की टीम सहायता के लिए तैयार है।





