Pawan Khera को गुवाहाटी हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है, जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
Pawan Khera: क्या है पूरा मामला?
Himanta Biswa Sarma की पत्नी Rinky Bhuyan Sharma पर पवन खेड़ा ने कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद रिंकी भुइयां शर्मा की शिकायत पर खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
Pawan Khera: हाईकोर्ट में क्या हुई सुनवाई?
Gauhati High Court में इस मामले पर विस्तृत सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें करीब तीन घंटे तक सुनीं और फिर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी गई।
Pawan Khera: खेड़ा की ओर से क्या दलील दी गई?
वरिष्ठ वकील Abhishek Manu Singhvi ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में कहा कि पवन खेड़ा के देश छोड़कर भागने का कोई खतरा नहीं है और उनकी गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हो सकता है।
Pawan Khera: असम सरकार ने क्यों किया विरोध?
असम के महाधिवक्ता Devajit Lon Saikia ने खेड़ा को राहत देने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मानहानि का मामला नहीं बल्कि धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा गंभीर अपराध है। साथ ही उन्होंने यह भी दलील दी कि आरोपी के देश से भागने की आशंका है।
Pawan Khera: पहले क्या हुआ था इस मामले में?
इससे पहले Telangana High Court ने पवन खेड़ा को सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि, बाद में Supreme Court of India ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी।
पवन खेड़ा को अंतरिम राहत नहीं मिलने से उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावना पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।





