Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। दूसरे दौर की बातचीत की तारीख तय नहीं हो पाने से हालात अनिश्चित बने हुए हैं। तेहरान का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंध और ईरानी संपत्तियों पर रोक इस देरी की मुख्य वजह हैं, जिससे दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी साफ दिख रही है।
Strait of Hormuz: ईरान की सख्त चेतावनी और 48 घंटे का अल्टीमेटम
🚨“The Strait of Hormuz will remain blocked until $11 trillion in frozen Iranian assets are released. If no proposal is presented within the next 48 hours, the ceasefire may end.” Abbas Araghchi pic.twitter.com/QGcLyzas8j
— Daily Iran News (@DailyIranNews) April 24, 2026
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि 48 घंटे के भीतर ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो मौजूदा सीजफायर समाप्त हो सकता है। यह बयान क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा टकराव

ईरान ने संकेत दिया है कि जब तक उसकी आर्थिक संपत्तियां बहाल नहीं होतीं, तब तक Strait of Hormuz बंद रखा जा सकता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, इसलिए इस पर किसी भी तरह की रोक का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।
Strait of Hormuz: अमेरिका का रुख और ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण है और इसे खोलने या बंद रखने का फैसला रणनीतिक रूप से लिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जब तक कोई सकारात्मक समझौता नहीं होता, तब तक इस स्थिति में बदलाव की संभावना कम है।
Strait of Hormuz: संघर्ष की अवधि को लेकर अनिश्चितता
ट्रंप ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव की अवधि को लेकर भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन यह जरूर कहा कि अमेरिका ने अपने अधिकांश सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो बाकी बचे लक्ष्यों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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