चीनी वायरस फिर डरा रहा, भारत में अब तक 8 केस, महाराष्ट्र, तमिलनाडु 2-2 नए केस, बंगाल में भी 1 मिलास

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Chinese virus is scaring again, 8 cases in India so far, 2 each in Maharashtra and Tamil Nadu, 1 case in Bengal

चीन से आई कोविड-19 महामारी ने 5 साल पहले दुनिया भर में हाहाकार मचा दिया था। भारत में 4 लाख 60 हजार लोगों की जान चली गई थी। एक बार फिर चीन से ऐसी ही महामारी की खबर मीडिया में वायरल होकर ना सिर्फ भारत बल्कि दुनिया में दहशत फैला रही है। भारत में अब तक HMPV वायरस के 8 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। सबसे पहले कर्नाटक के बेंगलुरू में 1 बच्चा बीमार हुआ, उसके बाद दूसरा केस भी बेंगलुरू में ही सामने आया। गुजरात के अहमदाबाद में भी एक बच्चे में एचएमपीवी वायरस के सिम्टम्स देखे गए। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिंता की बात ये है कि पिछले 3 तीन में भारत में 8 केस सामने आए हैं और सभी केस बच्चों के संक्रमित होने से जुड़े हैं। कोरोना जैसा HMPV वायरस से महाराष्ट्र में 2 बच्चे पॉजिटिव है, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2 बच्चे, बंगाल और गुजरात में एक-एक बच्चा संक्रमित मिला पाया गया है। कुल मिलाकर ये वायरस देश के 4 राज्यों तक पहुंच चुका है। इन मामलों के मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि यह वायरस सामान्य है और इससे डरने की जरूरत नहीं है।

भारत में HMPV वायरस को लेकर गाइड लाइंस जारी

नई दिल्ली ने चीन में तेजी से फैल रहे नए सांस संबंधी वायरस ह्यूमन मेटाप्नूमोवायरस (HMPV) को लेकर देश में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। इस वायरस के बढ़ते मामलों ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। इसे सांस की गंभीर समस्याओं का कारण बताया जा रहा है, जिसके लिए फिलहाल कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। दिल्ली सरकार ने इस खतरे को भांपते हुए आवश्यक गाइडलाइन्स जारी की हैं। चीन में फैले एचएमपीवी वायरस को लेकर दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख डॉ. वंदना बग्गा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया है। अस्पतालों को आईएलआई (इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण) और एसएआरआई (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) के मामलों पर नजर रखने और इन्हें आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

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ये रहे जरूरी दिशा-निर्देश

आइसोलेशन पर फोकस: संदिग्ध मामलों को आइसोलेशन में रखा जाएगा और सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन किया जाएगा। दवाओं की उपलब्धता: अस्पतालों में पैरासिटामोल, एंटीहिस्टामाइन, ब्रोन्कोडायलेटर्स, कफ सिरप, और ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

डॉक्यूमेंटेशन अनिवार्य: एसएआरआई और लैब में पुष्टि किए गए मामलों का सही रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि वायरस पर निगरानी हो सके। वर्तमान स्थिति आईडीएसपी, एनसीडीसी और डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार, भारत में अभी तक सांस की बीमारियों में कोई विशेष वृद्धि नहीं देखी गई है। हालांकि, चीन में बढ़ते एचएमपीवी मामलों को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि यह तैयारी संभावित खतरे से निपटने के लिए की जा रही है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी तरह के श्वसन संक्रमण के लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

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