कर्नाटक में दो मामले सामने आने के बाद गुजरात में भी HMPV का पहला मामला सामने आया है। मोडासा के दो महीने के एक बच्चे को इस HMPV वायरस से संक्रमित पाया गया है। बच्चे को इलाज के लिए अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक बच्चे को सांस लेने में तकलीफ और बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया। जांच में HMPV वायरस की पुष्टि हुई है। फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है, डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रख रहे हैं।
यह (Human Metapneumovirus) वायरस मुख्य रूप से छोटे बच्चों बुजुर्गों व कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। गुजरात में इस वायरस का पहला मामला दर्ज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या है HMPV वायरस ?
ये वायरस श्वसन तंत्र या सांस से जुड़ी बीमारियां पैदा करता है। बच्चों बुजुर्गों व कमजोर इम्युनिटी वालों को अधिक प्रभावित करता है। 2001 में खोजा गया, यह वायरस प्नूमोविरिडे परिवार का हिस्सा बताया जाता है।
संक्रमण की रोकथाम के उपाय
बीमार करने वाले HMPV और अन्य श्वसन संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए CDC के निम्न सुझाव है।
-साबुन और हाथ धोने की आदत डालें।
-गंदे हाथों से अपने चेहरे को छूने से बचाव करें।
-भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क पहन कर जाएं।
-बीमार होने पर घर पर रहें, ताकि संक्रमण न फैले।
-नियमित रूप से उन सतहों को साफ करें, जिन्हें बार बार छुआ जाता है।
Malaysia पहुंचा संक्रामक वायरस
मलेशिया में इस वायरस के कुछ मामले सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत सावधानी बरतने की सलाह दी है। यहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को इस वायरस से बचाव के उपायों को अपनाने का निर्देश भी दिया है। जैसे ने लोगों से बार-बार साबुन से हाथ धोने, मास्क लगाने और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढ़ंकने की सलाह दी गई।
हांगकांग में भी मामला आया सामने
hong kong में भी इस वायरस के मामले सामने आए हैं। यह वायरस मुख्य रूप से सांस संबंधी सिस्टम को प्रभावित करता है और इसके लक्षण सामान्य सर्दी जुकाम जैसे बताए जा रहे हैं।गंभीर मामलों में यह निमोनिया का कारण बन सकता है। डॉक्टर्स के मुताबिक ये एक सांस संबंधी वायरस है जो ऊपरी और निचले श्वसन संक्रमण का कारण बनता है, जो सर्दी या फ्लू जैसे लक्षणों के साथ आता है। हालांकि, बच्चों और बुजुर्गों में यह अधिक गंभीर रूप ले सकता है।





