Indore संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती आज उनकी जन्मभूमि महू में दीपावली और होली जैसे उत्साह के साथ मनाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर बाबा साहेब के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए और देश भर से आए हजारों अनुयायियों के साथ पंक्तिबद्ध बैठकर सहभोज (लंगर) किया। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को सामाजिक समरसता और एकता का एक सशक्त संदेश बताया।

Indore नारी शक्ति और समानता के प्रबल समर्थक थे बाबा साहेब
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब ने समाज में समानता विकसित करने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को याद किया।

- समान अधिकार: मुख्यमंत्री ने बताया कि पिता की संपत्ति में अधिकार, तलाक के समय मुआवजा, मातृत्व अवकाश और ‘समान काम-समान वेतन’ जैसे प्रगतिशील विचार बाबा साहेब की ही देन हैं।
- 33% आरक्षण: उन्होंने केंद्र सरकार के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय है, जिससे लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होगा।
Indore सरकार की बड़ी घोषणाएं और सम्मान
मुख्यमंत्री ने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी:

- पंचतीर्थ विकास: बाबा साहेब के जीवन से जुड़े 5 प्रमुख स्थानों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित किया गया है।
- अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन: जातिगत असमानता मिटाने के लिए अंतर्जातीय विवाह करने वाले जोड़ों को सरकार 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है।
- बजट आवंटन: अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण के लिए राज्य के सालाना बजट का एक तिहाई हिस्सा समर्पित किया गया है।
- भीमरत्न अवॉर्ड 2026: मुख्यमंत्री ने डॉ. सुदीप भगतदीप, डॉ. संदेश माधवराव और डॉ. मीना गजभिये सहित 5 समाजसेवियों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया।
Indore महू में श्रद्धालुओं की भव्य आवभगत
Indore राज्य सरकार ने महू में आए हजारों श्रद्धालुओं के लिए मेजबान की भूमिका निभाई।
- अस्थि कलश दर्शन: मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के अस्थि कलश और भंते श्री धर्मशील की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
- अतिथि सत्कार: श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, शीतल जल और रुकने की समुचित व्यवस्था की गई थी।
इस अवसर पर वरिष्ठ विचारक आलोक कुमार ने डॉ. अम्बेडकर की योग्यता और संविधान की धारा 17 (अस्पृश्यता निवारण) के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। विधायक उषा ठाकुर ने भी बाबा साहेब के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।





