रिपोर्ट : संजीव कुमार शर्मा
Bhagalpur स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रहे भागलपुर में जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार तातारपुर से लेकर स्टेशन चौक तक की सड़कें इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की चपेट में हैं। प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद यह मार्ग आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुका है।

Bhagalpur घंटों रेंगते वाहन, ट्रेन छूटने का बना रहता है डर
तातारपुर से स्टेशन चौक का सफर, जो महज कुछ मिनटों का है, उसे तय करने में अब लोगों को घंटों लग रहे हैं। सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि एम्बुलेंस से लेकर स्कूली बसें तक जाम में फंसी रहती हैं। सबसे बुरा प्रभाव उन यात्रियों पर पड़ रहा है जिन्हें ट्रेन पकड़नी होती है। जाम के कारण समय पर स्टेशन न पहुँच पाने की वजह से आए दिन कई यात्रियों की ट्रेनें छूट रही हैं।
Bhagalpur अतिक्रमण और कुप्रबंधन ने बिगाड़े हालात
स्थानीय निवासियों और राहगीरों का आरोप है कि इस जाम की मुख्य वजह सड़कों के किनारे बेतरतीब अतिक्रमण है। फुटपाथों पर सजी दुकानों और अवैध पार्किंग ने सड़कों को संकरा कर दिया है। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी केवल कुछ बिंदुओं तक ही सीमित दिखती है, जिसके कारण वाहनों की लंबी कतारें स्टेशन रोड की पूरी व्यवस्था को ध्वस्त कर देती हैं।

Bhagalpur ‘जाम सिटी’ की पहचान मिटाने की मांग
व्यवसायियों और छात्रों का कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भागलपुर ‘स्मार्ट सिटी’ की जगह ‘जाम सिटी’ के नाम से जाना जाने लगेगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और स्टेशन चौक के पास यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकाल पाता है।
Read this: Census 2027 : छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, 16 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण





