Bhopal Qazi Fatwa Controversy: राजधानी भोपाल में जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता की ओर से जारी एक फतवा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। दस्तावेज में एक धार्मिक सवाल के जवाब में शरई मत दिया गया है, लेकिन कुछ लोग इसे शहर काजी से जोड़कर देख रहे हैं, जिससे बहस तेज हो गई है।
Bhopal Qazi Fatwa Controversy: बीमारी और इमामत को लेकर पूछा गया था सवाल
जानकारी के अनुसार दारुल इफ्ता, जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी भोपाल के नाम से जारी दस्तावेज में एक सवाल पूछा गया था। सवाल में लिखा गया कि यदि किसी शहर के काजी साहब प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित हों और उन्हें पेशाब की बूंदें आने की समस्या हो, तो क्या उनके पीछे नमाज पढ़ना सही होगा या नहीं। इसी सवाल के जवाब में धार्मिक मत यानी फतवा जारी किया गया।

Bhopal Qazi Fatwa Controversy: सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद
फतवे के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे भोपाल के शहर काजी Syed Mushtaq Ali Nadvi से जोड़कर चर्चा की जाने लगी। इसके बाद मामला विवाद का रूप लेता नजर आया और कई लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
Bhopal Qazi Fatwa Controversy: ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने जताई आपत्ति
इस मामले में All India Muslim Tyohar Committee के संरक्षक शमशुल हसन ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फतवा जारी करने वाले मुफ्ती अब्दुल कलाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं और वारंट भी जारी हो चुका है।
Bhopal Qazi Fatwa Controversy: शहर काजी के समर्थन में जारी किए ऑडियो
शमशुल हसन ने शहर काजी के समर्थन में दो ऑडियो भी जारी किए हैं। इनमें एक ऑडियो में शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी का पक्ष सामने रखा गया है, जबकि दूसरे ऑडियो में फतवा जारी करने वाले मुफ्ती अब्दुल कलाम का पक्ष सुनने को मिल रहा है।
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