BY
Yoganand Shrivastava
Ambarnath (महाराष्ट्र): अंबरनाथ के स्वामीनगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस विभाग में शामिल होने का सपना टूटने से आहत 26 वर्षीय युवती प्रतीक्षा राणे ने आत्महत्या कर ली। 26 फरवरी की आधी रात को हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
सपना पूरा न होने का गहरा अवसाद
Ambarnath प्रतीक्षा राणे पिछले कई वर्षों से पुलिस बल में भर्ती होने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही थी। उसका एकमात्र लक्ष्य पुलिस अधिकारी बनकर अपने माता-पिता को एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन देना था। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सैयद शब्बीर के अनुसार, बार-बार परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में असफल होने के कारण वह गहरे डिप्रेशन (अवसाद) में चली गई थी। सफलता हाथ न लगने के कारण पैदा हुई हताशा अंततः आत्मघाती कदम का कारण बनी।
सुसाइड नोट: “आप जो जिंदगी देना चाहते थे, वो मैं नहीं दे पाई”
Ambarnath आत्महत्या से पहले प्रतीक्षा ने एक भावुक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें अपनी विफलता का दर्द और माता-पिता के प्रति संवेदना साफ झलकती है। उसने लिखा:
“मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना। आप मुझे जो जिंदगी देना चाहते थे और जो सपना आपने मेरे लिए देखा था, उसे मैं पूरा नहीं कर पाई। मैं आपको वह खुशी नहीं दे सकी जिसकी आप हकदार थे।”
पुलिस कार्रवाई और जांच जारी
Ambarnath घटना की सूचना मिलते ही अंबरनाथ वेस्ट पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए उल्हासनगर के सेंट्रल गवर्नमेंट हॉस्पिटल भेजा। पुलिस ने फिलहाल ‘एक्सीडेंटल डेथ’ (ADR) का मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह मामला युवाओं पर करियर और सफलता के बढ़ते दबाव का एक दुखद उदाहरण है।
नोट: आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपके जान पहचान में कोई तनाव या अवसाद से गुजर रहा है, तो कृपया सरकारी हेल्पलाइन नंबरों या मनोचिकित्सक से संपर्क करें। सहायता हमेशा उपलब्ध है।





