BY
Yoganand Shrivastava
Gangtok पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में गुरुवार दोपहर भूकंप के दो क्रमिक झटकों ने भारी हलचल मचा दी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक घंटे के अंतराल में आए इन झटकों की तीव्रता 4.6 और 3.5 मापी गई है। भूकंप का असर इतना व्यापक था कि गंगटोक से लेकर पेलिंग तक लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से निकलकर खुली सड़कों की ओर भागने लगे।
ग्यालशिंग और मंगन रहे भूकंप के मुख्य केंद्र
Gangtok भूकंप का पहला और अधिक शक्तिशाली झटका सुबह 11:24 बजे महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 थी और इसका केंद्र ग्यालशिंग जिले के युक्सोम से 4 किमी उत्तर-पूर्व में जमीन से 10 किमी की गहराई पर था। इसके ठीक 53 मिनट बाद, दोपहर 12:17 बजे मंगन जिले में 3.5 तीव्रता का दूसरा झटका लगा। इसका केंद्र गंगटोक से मात्र 11 किमी की दूरी पर दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही कि अब तक कहीं से भी किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
हिमालयी बेल्ट: क्यों बार-बार कांपता है सिक्किम?
Gangtok सिक्किम भौगोलिक रूप से अत्यधिक भूकंप संवेदनशील (Seismic Zone) क्षेत्र में स्थित है। विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र होने के कारण यहाँ ‘इंडियन’ और ‘यूरेशियन’ टेक्टोनिक प्लेट्स के बीच लगातार घर्षण और टकराव होता रहता है। इसी भूगर्भीय हलचल की वजह से इस क्षेत्र में मध्यम और उच्च तीव्रता के भूकंप आने का खतरा हमेशा बना रहता है। आज के झटकों ने एक बार फिर लोगों को पुरानी आपदाओं की याद दिला दी है।
Gangtok सुरक्षा अलर्ट: भूकंप के समय क्या करें और क्या न करें?
Gangtok भूकंप की स्थिति में जान बचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने कुछ अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- ड्रॉप, कवर और होल्ड: झटका महसूस होते ही जमीन पर बैठ जाएं, किसी मजबूत मेज के नीचे शरण लें और अपने सिर को सुरक्षित ढकें।
- बाहर न भागें: झटके के दौरान लिफ्ट का प्रयोग न करें और न ही जल्दबाजी में सीढ़ियों से उतरें; कांच की खिड़कियों और भारी फर्नीचर से दूर रहें।
- गैस और बिजली: स्थिति सामान्य होने पर सबसे पहले गैस के नॉब और बिजली के मुख्य स्विच बंद कर दें ताकि आगजनी जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
- आपातकालीन किट: घर में हमेशा एक बैग तैयार रखें जिसमें जरूरी दवाएं, टॉर्च, पानी और कुछ सूखे खाद्य पदार्थ हों।





