Mohit Jain
UGC : सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने नए नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमने जातिविहीन समाज की दिशा में कितना कुछ हासिल किया है, क्या अब हम उल्टी दिशा में जा रहे हैं?
CJI ने केंद्र को चेतावनी दी
CJI सूर्यकांत ने केंद्र से कहा कि SC/ST स्टूडेंट्स के लिए अलग हॉस्टल बनाने का विचार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “आरक्षित समुदायों में भी ऐसे लोग हैं जो समृद्ध हो गए हैं। कुछ समुदाय दूसरों की तुलना में बेहतर सुविधाओं का आनंद ले रहे हैं।

UGC: देशभर में विरोध प्रदर्शन
देशभर में सवर्ण जाति के छात्रों और आम नागरिकों का नए UGC नियमों को लेकर विरोध जारी है।
- दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस के बाहर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
- लखनऊ: लखनऊ यूनिवर्सिटी के न्यू कैंपस में छात्र संगठनों से जुड़े स्टूडेंट्स ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की।
- कानपुर: भरत शुक्ला नामक व्यक्ति ने सिर मुंडवाकर UGC विरोध प्रदर्शन किया।
मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
- तमिलनाडु: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने UGC के नए नियमों का समर्थन करते हुए केंद्र की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह नियम भले ही देर से आया कदम है, लेकिन हाइअर एजुकेशन सिस्टम में सुधार की दिशा में सही फैसला है।
- भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह: उन्होंने नए प्रावधानों का विरोध किया और इसे समाज बांटने वाला कानून बताया। उन्होंने कहा कि एक समुदाय को शोषित और दूसरे को पीड़ित माना जा रहा है, जबकि कमेटी में शोषित समुदाय का कोई प्रतिनिधि नहीं है। उन्होंने सभी समुदायों के बच्चों से इस पर विरोध करने की अपील की।
भविष्य की कार्रवाई पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक UGC नियम लागू नहीं होंगे। देश भर में छात्रों और समाज के विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएँ इस मुद्दे को और गंभीर बना रही हैं।





