Report: Sartaj khan
Farrukhabad शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित नए यूजीसी (UGC) नियमों को लेकर फर्रुखाबाद के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बार एसोसिएशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह कानून सवर्ण समाज और सामान्य वर्ग के हितों पर सीधा प्रहार है।

‘काला कानून’ बताकर जताया कड़ा विरोध
Farrukhabad प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने इस एक्ट को ‘काला कानून’ की संज्ञा देते हुए इसे वापस लेने की मांग की। बार एसोसिएशन परिषद के सदस्यों का तर्क है कि इस कानून के लागू होने से सवर्ण समाज के युवाओं के लिए शिक्षा के अवसर सीमित हो जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को तत्काल वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

महिला अधिवक्ताओं ने उठाई आवाज
Farrukhabad इस प्रदर्शन की खास बात महिला वकीलों की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि यह कानून न केवल सामान्य वर्ग के बच्चों की उच्च शिक्षा को प्रभावित करेगा, बल्कि समाज में जातिगत दूरियां बढ़ाने का काम भी करेगा। उन्होंने इसे भविष्य की पीढ़ी के साथ होने वाला बड़ा अन्याय करार दिया।
ज्ञापन के जरिए सरकार तक पहुंचाई मांग
Farrukhabad सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने मांग की है कि यूजीसी बिल के उन प्रावधानों को हटाया जाए जो किसी विशेष वर्ग के अधिकारों का हनन करते हैं। वकीलों ने एकजुट होकर कहा कि न्यायपालिका से जुड़ा वर्ग समाज का सजग प्रहरी है और वे किसी भी वर्ग के साथ होने वाले भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेंगे।





