BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior news: क्राइम ब्रांच ने शहर के मयूर नगर और ज्योतिनगर इलाके में चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा कर बड़े ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह मेट्रिमोनियल वेबसाइट के नाम पर युवाओं और उम्रदराज कुंवारों को शादी का सपना दिखाकर उनसे पैसे ऐंठ रहा था। कार्रवाई में दो महिला संचालकों समेत कुल 20 युवतियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड अब भी फरार है।
कार्रवाई के बाद पुलिस के सामने ठगी की दर्दनाक हकीकत सामने आई। पकड़ी गई कॉलर युवतियों के मोबाइल पर लगातार पीड़ितों के फोन आने लगे। एक युवक ने पुलिस से कहा कि उसने “टीना” नाम की लड़की के लिए पैसे जमा कर दिए हैं, लेकिन अब उससे संपर्क नहीं हो पा रहा। जब पुलिस ने बताया कि वह लड़की असल में कॉल सेंटर की कॉलर थी और पूरा मामला ठगी का है, तो युवक हैरान रह गया। उसने बताया कि मदद और रजिस्ट्रेशन के नाम पर वह हजारों रुपये ट्रांसफर कर चुका है।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई शहरों में सक्रिय था। अब तक 1500 से अधिक लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस का अनुमान है कि ठगी की कुल रकम डेढ़ से दो करोड़ रुपये के बीच हो सकती है।
पूछताछ में पता चला कि गिरोह पहले फर्जी मेट्रिमोनियल प्रोफाइल बनाकर युवकों से संपर्क करता था। आकर्षक तस्वीरें भेजकर भरोसा जीतने के बाद कॉल सेंटर की युवतियां उसी लड़की बनकर बात करती थीं और अलग-अलग बहानों से ऑनलाइन भुगतान करवाया जाता था। जब रकम ज्यादा हो जाती, तो मोबाइल बंद कर संपर्क तोड़ दिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को साधारण की-पैड मोबाइल दिए जाते थे, ताकि उनकी पहचान और लोकेशन ट्रेस न हो सके। सभी सिम और मोबाइल मास्टरमाइंड और संचालकों के नाम पर रजिस्टर्ड थे। फिलहाल पुलिस फरार मुख्य आरोपी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।





