Isa Ahmad
REPORT- ANKUR PANDEY
रामनगरी अयोध्या में एक बार फिर धार्मिक सौहार्द और एकता की अद्भुत मिसाल देखने को मिलेगी। बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार रहे इक़बाल अंसारी को राम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले ध्वजारोहण समारोह के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रण भेजा गया है। इक़बाल अंसारी ने स्वदेश न्यूज़ से विशेष बातचीत में इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए कहा कि वह इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में अवश्य शामिल होंगे।
इक़बाल अंसारी ने बताया-
“हमें राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में भी निमंत्रण मिला था, उसमें भी शामिल हुए थे। भूमि पूजन में भी गए थे। और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ध्वजारोहण कार्यक्रम में आ रहे हैं, तो हम ज़रूर सम्मिलित होंगे और पुष्प वर्षा भी करेंगे।”
उनकी इस बात से साफ झलकता है कि अयोध्या का यह आयोजन केवल धार्मिक महत्व ही नहीं बल्कि समरसता और सद्भाव का संदेश भी दे रहा है।
ध्वजारोहण समारोह- अभूतपूर्व तैयारी और भव्यता
राम जन्मभूमि ट्रस्ट और जिला प्रशासन द्वारा समारोह की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में ध्वजारोहण के लिए एक विशेष स्वचालित प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें
- एक बटन दबाते ही ध्वजारोहण स्वतः हो उठेगा
- समारोह की भव्यता 3 किलोमीटर दूर से भी दिखाई देगी
- पूरे परिसर को विशेष सजावट और प्रकाश व्यवस्था से निखारा गया है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने से इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है।
अयोध्या के लिए सौहार्दपूर्ण संदेश
यह समारोह धार्मिक आयोजन के साथ–साथ नए युग की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है। अयोध्या में पहले भी कई बार विभिन्न समुदायों से जुड़े लोगों ने एक–दूसरे के कार्यक्रमों में शामिल होकर सद्भाव का संदेश दिया है। इक़बाल अंसारी का यह कदम भी एक ऐसे ही सकारात्मक परिवर्तन की ओर संकेत करता है।
अयोध्या का यह दृश्य न केवल स्थानीय नागरिकों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश है कि धर्म से बढ़कर मानवता और आपसी सम्मान होता है।





