बस्ती जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां बाजार में बड़ी मात्रा में नकली हार्पिक (टॉयलेट क्लीनर) बेचे जाने का मामला उजागर हुआ है। कंपनी की टीम ने आरोपों की पुष्टि के बाद कप्तानगंज बाजार में कई दुकानों पर छापेमारी की और भारी मात्रा में नकली हार्पिक बरामद किया। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
पिछले कई महीनों से कंपनी को शिकायतें मिल रही थीं कि बाजार में हार्पिक के नाम पर नकली प्रोडक्ट बेचा जा रहा है। शिकायतों की जांच के लिए कंपनी के अधिकारी बस्ती पहुंचे और स्थानीय प्रशासन को सूचना देकर संयुक्त कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान दुकानों में बड़ी संख्या में नकली हार्पिक की बोतलें मिलीं, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
इस मामले में कंपनी के अधिकारियों ने कई दुकानदारों के खिलाफ कॉपिराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। कप्तानगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार (पुत्र स्व. हीरालाल), मोहम्मद करम हुसैन (पुत्र हारून अली), राजेश कुमार (पुत्र राम अचल) और ज्ञान चंद (पुत्र रामजी) के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
नकली उत्पादों का खतरा
जानकारी के अनुसार, नकली हार्पिक में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की गुणवत्ता बेहद खराब होती है, जो न केवल सफाई में असफल हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे नकली उत्पादों का बड़े पैमाने पर बिकना उपभोक्ताओं के साथ सीधा धोखा है।
कंपनी का बयान
कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि नकली उत्पादों की बिक्री से उपभोक्ताओं की सुरक्षा प्रभावित होती है और कंपनी की ब्रांड इमेज पर भी असर पड़ता है। कंपनी आगे भी ऐसे क्षेत्रों में निगरानी जारी रखेगी।
पुलिस की सख्ती
कप्तानगंज पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा।
घटना के बाद स्थानीय बाजार में हड़कंप है और उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है कि वे ब्रांडेड प्रोडक्ट खरीदते समय MRP, कंपनी का लोगो और सील अवश्य जांचें।





