Isa Ahmad
बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर ली गई। आंवला थाना क्षेत्र में जन सेवा केंद्र संचालक द्वारा बनाया गया फर्जीवाड़े का यह पूरा नेटवर्क लोगों को उनके दस्तावेजों में जिंदा होते हुए भी मृत दिखाकर पेंशन स्वीकृत कराता था। पुलिस ने इस गंभीर धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, गिरोह ने 56 महिलाओं को कागजों में विधवा दिखाकर विधवा पेंशन और 2 व्यक्तियों के नाम पर वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत कराकर कुल 1 करोड़ 23 लाख रुपये की रकम हड़प ली। यह पूरी ठगी जन सेवा केंद्र संचालक और उसके साथियों द्वारा की जाती थी, जो दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर लाभार्थियों की फर्जी एंट्री करते थे।
आरोपियों ने जिन महिलाओं और व्यक्तियों के नाम पर पेंशन निकलवाई, उनमें से कई पूरी तरह स्वस्थ और जीवन-यापन कर रहे हैं। पेंशन की राशि सीधे गिरोह से जुड़े खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी।
पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी कर रहा था। पुलिस को शिकायत और जांच के बाद गिरोह की गतिविधियों के प्रमाण मिले, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
पुलिस ने गिरोह से जुड़े खातों, दस्तावेजों और पेंशन स्वीकृति से जुड़े रिकॉर्ड को कब्जे में ले लिया है। साथ ही इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश जारी है।
एसपी साउथ का बयान
“गैंग ने सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते हुए बड़ी मात्रा में धोखाधड़ी की है। जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।”
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में प्रशासनिक स्तर पर कई सवाल उठे हैं, खासतौर पर सरकारी योजनाओं के सत्यापन और निगरानी को लेकर।
इस बड़े खुलासे के बाद अब जनपद बरेली में सरकारी योजनाओं की समीक्षा और जांच की कवायद भी तेज हो गई है।





