उल्फा (आई) नेता दृष्टि राजखोआ ने मेघालय में सरेंडर किया, उग्रवादी संगठन की टूटी कमर

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नई दिल्ली. उग्रवादी समूह उल्फा (इंडिपेंडेंट) के उप कमांडर-इन-चीफ दृष्टि राजखोआ (Drishti Rajkhowa) ने मेघालय (Meghalaya) में समर्पण कर दिया है. सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राजखोआ अभी सैन्य खुफिया अधिकारियों की हिरासत में है और उसे असम लाया जा रहा है.

राजखोआ को यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (United Liberation Assam border) (इंडिपेंडेंट) के ‘कमांडर इन चीफ’ परेश बरूआ का करीबी वफादार माना जाता है. सूत्रों ने बताया कि राजखोआ हाल तक बांग्लादेश में रह रहा था और कुछ हफ्ते पहले मेघालय आया था. एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि राजखोआ के समर्पण से उग्रवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है.

सरकार ने 1990 में लगाया था प्रतिबंध
उल्फा (आई) संप्रभु और स्वतंत्र असम की मांग करता रहा है. सरकार ने 1990 में संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था. दृष्टि राजखोवा भारत-बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा को लेकर बड़ी चुनौती बना हुआ था. दोनों ही तरफ के सुरक्षाबल पिछले 3 महीनों से इसकी तलाश में थे.

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