Tribal Security : सरगुजा में जनजातीय सुरक्षा मंच की प्रेस वार्ता
Tribal Security : छत्तीसगढ़ के सरगुजा में जनजातीय सुरक्षा मंच ने प्रेस वार्ता आयोजित कर धर्मांतरण कर चुके लोगों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची से बाहर करने की मांग उठाई। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस विषय पर स्पष्ट कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं।

Tribal Security : जनजाति समागम 2026 का किया उल्लेख
मंच के प्रतिनिधियों ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित ‘जनजाति समागम 2026’ में देशभर के 500 से अधिक जनजातीय समुदायों के लाखों लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन में जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक पहचान के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
Tribal Security : लोकुर समिति के मानदंड लागू करने की मांग
प्रेस वार्ता में मंच के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि लोकुर समिति के मानदंडों के अनुरूप अनुसूचित जनजाति की स्पष्ट वैधानिक परिभाषा तय की जानी चाहिए। उनका कहना है कि इससे जनजातीय समुदायों की वास्तविक पहचान और संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
Tribal Security : संविधान संशोधन की उठाई मांग
जनजातीय सुरक्षा मंच ने मांग की कि संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश 1950 में संशोधन किया जाए। मंच का कहना है कि जो व्यक्ति धर्मांतरण के बाद अपनी पारंपरिक आस्था, रीति-रिवाज और जीवन-पद्धति को छोड़ देता है, उसे अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं माना जाना चाहिए।
Tribal Security : केंद्र सरकार से की आवश्यक पहल की अपील
मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने इस विषय पर व्यापक स्तर पर विचार कर उचित कानूनी व्यवस्था बनाने की मांग की।
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