रिपोर्टर: रविराज कांबले
कोल्हापुर के प्रसिद्ध दसरा चौक पर आज ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने एक शांत लेकिन प्रभावशाली मौन प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य महायुती गठबंधन के उन नेताओं के खिलाफ जनआक्रोश व्यक्त करना था, जिन्हें अहंकारी और असंवेदनशील व्यवहार करने का आरोप है।
विरोध-प्रदर्शन में सबसे पहले कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे का नाम लिया गया, जो विधान सभा में रमी खेलते नजर आए थे। इसके साथ ही संजय गायकवाड़ पर खानें की गुणवत्ता को लेकर वेटर को पीटने का आरोप लगाया गया, और भरत गोगावले पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने की टीका की गई। गोपीचंद पडळकर पर महत्त्वपूर्ण बहसें के दौरान हाथापाई करना, तथा राजेश क्षीरसागर पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने की बातें उठाया गया।
ठाकरे गुट के ज़िल्हा प्रमुख रविकिरण इंगवले ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोकतंत्र की मर्यादा का अपमान करने वाले नेताओं को जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह विरोध-प्रदर्शन केवल शुरुआत है, अब जनता जवाब मांगेगी और ऐसे नेताओं के खिलाफ आगे भी प्रदर्शन जारी रहेगा।
लोकतंत्र की मर्यादा का यह मौन आन्दोलन सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में तेजी से चर्चा में है। इस प्रदर्शन से स्पष्ट संदेश गया कि जनता अब अहंकारी नेताओं की अनावश्यक हरकतों से परेशान है और भविष्य में अपने नेताओं को जवाबदेह बनाएगी।





