Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan : जल संरक्षण को जनभागीदारी से मिला नया आयाम
Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में चल रहा जल गंगा संवर्धन अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। नदी, तालाब और पारंपरिक जल संरचनाओं के संरक्षण के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक प्रदेश में 1 लाख 77 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसी क्रम में उज्जैन में 25 और 26 मई को भव्य शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लोक गायिका मैथिली ठाकुर सहित कई प्रसिद्ध कलाकार प्रस्तुति देंगे।

Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan : उज्जैन में निकलेगी शिप्रा तीर्थ परिक्रमा
महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि गंगा दशमी के अवसर पर होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा की शुरुआत रामघाट से होगी। यह यात्रा नृसिंहघाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार, प्रशांतिधाम शनि मंदिर होते हुए दत्त अखाड़ा घाट पहुंचेगी। रात्रि विश्राम के बाद दूसरे दिन यात्रा रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़, सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका और गोपाल मंदिर से गुजरते हुए पुनः रामघाट पहुंचेगी।इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 300 फीट लंबी चुनरी मां शिप्रा को अर्पित करेंगे। कार्यक्रम में भारतीय नौसेना बैंड की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा भजन संध्या, हरिकथा, लोकगायन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन भी किया जाएगा।
Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan : भोपाल में होगा ‘सदानीरा समागम’
राजधानी भोपाल में 27 मई से 2 जून तक वीर भारत न्यास द्वारा “सदानीरा समागम” आयोजित किया जाएगा। इस सात दिवसीय आयोजन में जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति और पंचमहाभूतों पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम में फिजी, नेपाल, मैक्सिको, साइप्रस, सूरीनाम और त्रिनिदाद-टोबैगो सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।समागम में इसरो, टाटा ट्रस्ट, ओएनजीसी, जेएसडब्ल्यू, वेदांता ग्रुप, हिन्दुस्तान पावर और अन्य बड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे।
Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan : जल संरक्षण पर होंगे विशेष विमर्श और सांस्कृतिक आयोजन
सदानीरा समागम के दौरान जल, पृथ्वी, वायु, अग्नि और आकाश जैसे पंचमहाभूतों पर आधारित विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें जल संरक्षण, भूगर्भीय जल स्रोत, पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा और पारंपरिक ज्ञान पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।कार्यक्रम में प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जिनमें लोकगायन, नृत्य-नाटिकाएं, रंगमंचीय प्रस्तुतियां और भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी शामिल रहेंगी। इसके अलावा जल संकट और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन, चित्रांकन कार्यशालाएं और जल-केंद्रित प्रदर्शनियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी।
Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan : इन पुस्तकों का होगा लोकार्पण
सदानीरा समागम के दौरान जल और संस्कृति विषय पर आधारित कई पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा। इनमें “अंतर्जली यात्रा”, “आत्मा की घाटी में पानी का संगीत”, “युगयुगीन जल” और “जल, संस्कृति और स्थापत्य” जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं।
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