REPORT : RAVI SEN
Shahgarh मध्य प्रदेश के शाहगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुडारी गांव में मंगलवार को एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक स्थानीय मंदिर की जमीन की खुदाई के दौरान मिट्टी के भीतर से चांदी के कुछ बेहद प्राचीन सिक्के बरामद हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में इस तरह अचानक पुराना खजाना मिलने की खबर आग की तरह फैल गई, जिसके बाद मौके पर स्थानीय लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए राजस्व और पुलिस विभाग की टीमें तुरंत गांव पहुंच गईं।
Shahgarh ठाकुर बब्बा मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान मिला ‘खजाना’
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मुडारी गांव के प्रसिद्ध ठाकुर बब्बा मंदिर परिसर की है। यहाँ जमीन समतलीकरण या निर्माण कार्य के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान एक ग्रामीण की नजर मिट्टी में दबे चांदी के सिक्कों पर पड़ी। इन सिक्कों को जब बाहर निकाला गया, तो उन पर कुछ विशेष ऐतिहासिक चिन्ह और आकृतियां अंकित पाई गईं।
Shahgarh महारानी विक्टोरिया के काल (1837-1901) के हो सकते हैं सिक्के
प्रारंभिक जांच और सिक्कों पर अंकित आकृतियों के आधार पर पुरातत्वविदों का अनुमान है कि ये सिक्के ब्रिटिश शासनकाल के दौरान वर्ष 1837 से 1901 के बीच के हो सकते हैं। इस कालखंड को देखते हुए इन सिक्कों का ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व काफी ज्यादा माना जा रहा है। हालांकि, इनके सटीक काल और धातु की शुद्धता की पुष्टि विस्तृत वैज्ञानिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
Shahgarh प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, पुरातत्व विभाग (ASI) करेगा जांच
प्राचीन सिक्के मिलने की आधिकारिक सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए एसडीएम (SDM) नवीन ठाकुर, बण्डा एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि और तहसीलदार विजयकांत त्रिपाठी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सभी सिक्कों को गिनती कर सरकारी पंचनामे के तहत अपने कब्जे में ले लिया है। एसडीएम नवीन ठाकुर ने बताया कि इन सिक्कों की वास्तविक ऐतिहासिक महत्ता और प्राचीनता का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम को शामिल किया गया है, जो जल्द ही इसकी वैज्ञानिक जांच शुरू करेगी।
Read this: Khabar Zara Hatke : दुनिया की सबसे खतरनाक लत! पानी नहीं, पेट्रोल पीकर जी रही 20 साल की लड़की





