Report: Ratan kumar
Jamtara साइबर अपराध के गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। जामताड़ा पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर पांच शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक (SP) शंभू कुमार सिंह ने इस बड़ी कामयाबी का खुलासा किया।

Jamtara एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने 18 मई 2026 को करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम रतनोडीह पहाड़िया टोला में एक तालाब के पास झाड़ियों में छिपकर ठगी कर रहे चार अपराधियों को रंगे हाथों दबोच लिया। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में कालाझरिया पेट्रोल पंप के पास से फर्जी सिम कार्ड की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
Jamtara गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए सभी आरोपी जामताड़ा जिले के करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- रिजवान अंसारी, बसीर अंसारी, सकलैन अंसारी और सफाउद्दीन अंसारी (चारों ग्राम बरमुंडी निवासी)।
- मुजाहिद अंसारी (ग्राम मटटाॅंड़ निवासी – फर्जी सिम सप्लायर)।
Jamtara स्क्रीन शेयरिंग ऐप और गूगल के जरिए करते थे ठगी
पुलिस की पूछताछ में इन अपराधियों के काम करने के अनोखे तरीके (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है। ये लोग सबसे पहले गूगल के जरिए अलग-अलग क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों के मोबाइल नंबर खोजते थे। इसके बाद ग्राहकों को फोन करके उनका कार्ड ब्लॉक होने का डर दिखाते थे। जैसे ही ग्राहक इनके झांसे में आता, ये उससे मोबाइल में ‘स्क्रीन शेयरिंग ऐप’ इंस्टॉल करवा लेते थे। इस ऐप के जरिए वे ग्राहकों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी और ओटीपी (OTP) चोरी कर पलक झपकते ही खाता साफ कर देते थे।

Jamtara अंतरराज्यीय नेटवर्क और पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार देश के कई बड़े राज्यों से जुड़े हुए हैं। इनका नेटवर्क मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल में सक्रिय था, जहाँ के भोले-भाले लोगों को ये अपना निशाना बनाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक, रिजवान अंसारी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही साइबर थाने में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल है। इस नए मामले को लेकर साइबर अपराध थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।





