Middle East में फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप बोले- ईरान पर हमला टाला, लेकिन अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
https://swadeshlive.com/trump-statement-on-indian-ships-attack/

Middle East: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव गहराता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है। सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर अब तक सहमति नहीं बन सकी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला करने वाला था, लेकिन कुछ अरब देशों के अनुरोध पर फिलहाल इस कार्रवाई को टाल दिया गया।

Middle East: ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में किया बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के शीर्ष नेताओं ने उनसे ईरान पर प्रस्तावित हमले को रोकने की अपील की थी। ट्रंप के मुताबिक इन देशों का मानना है कि गंभीर वार्ताएं चल रही हैं और जल्द ही ऐसा समझौता हो सकता है जिसे अमेरिका समेत पूरे मिडिल ईस्ट के देश स्वीकार कर सकें।

Middle East: कतर, सऊदी और यूएई नेताओं का किया जिक्र

ट्रंप ने अपने बयान में तमीम बिन हमद अल थानी, मोहम्मद बिन सलमान और मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का नाम लेते हुए कहा कि इन नेताओं के अनुरोध और सम्मान को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिलहाल हमले को स्थगित करने का फैसला लिया है।

Middle East: परमाणु हथियारों पर अमेरिका का सख्त रुख

ट्रंप ने कहा कि किसी भी संभावित समझौते में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल न हो सकें। अमेरिका लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताता रहा है और कई बार सख्त चेतावनी भी दे चुका है।

Middle East: अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया

हालांकि ट्रंप ने साफ कर दिया कि हमला टालने का मतलब यह नहीं है कि खतरा खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी रक्षा विभाग और सेना को किसी भी समय बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रंप के मुताबिक यदि वार्ता सफल नहीं होती और कोई स्वीकार्य समझौता सामने नहीं आता, तो अमेरिका आगे कड़ा कदम उठा सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर मिडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Middle East: मिडिल ईस्ट में बढ़ सकती है अस्थिरता

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र पर पड़ सकता है। तेल बाजार से लेकर वैश्विक सुरक्षा तक कई क्षेत्रों में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका, ईरान और अरब देशों के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत पर टिकी हुई हैं।

read also: Vietnam पहुंचे राजनाथ सिंह, रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर हुई अहम बैठक

Cooperative Farming: सहकारिता से किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर मिलेंगे: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

Cooperative Farming: सहकारिता सप्ताह का समापन, किसानों को बहुआयामी सहकारिता अपनाने का

Shyama Prasad Mukherjee Jayanti: जामताड़ा में श्रद्धा के साथ मनाई गई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती

Shyama Prasad Mukherjee Jayanti: भाजपा नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया राष्ट्रसेवा