Dr Syama Prasad Mukherjee Jayanti 2026 : जनसंघ की स्थापना कर मजबूत राष्ट्रवादी और लोकतांत्रिक विकल्प प्रदान किया ,जम्मू-कश्मीर के पूर्ण विलय में अहम भूमिका निभाई
Dr Syama Prasad Mukherjee Jayanti 2026 : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अखंड भारत के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया…जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाने के लिए उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” का नारा दिया था…. उन्होंने संविधान सभा में सक्रिय भूमिका निभाते हुए एक मजबूत राष्ट्र और राष्ट्रीय एकता के निर्माण में अपना योगदान दिया। डॉ. मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्रभक्ति, विद्वत्ता और निर्भीक संघर्ष का प्रतीक रहा है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती हर साल 6 जुलाई को मनाई जाती है। उनका जन्म 1901 में कोलकाता में हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान शिक्षाविद् थे…aaj उनकी जयंती पर श्रधांजलि देते हुए अखंड भारत के अभियान में उनकी भूमिका पर करेंगे बात उससे पहले देखिये ये रिपोर्ट |
Dr Syama Prasad Mukherjee Jayanti 2026 : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी और स्वतंत्र भारत के प्रमुख राजनेता थे। उन्हें ‘भारतीय जनसंघ’ का संस्थापक और जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण अभिन्न अंग बनाने के लिए प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले नायक के रूप में जाना जाता है…राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान कई क्षेत्रों में प्रमुख रहा है..डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन और संघर्ष देश की संप्रभुता का एक ऐतिहासिक प्रतीक है, उनकी 125वी जयंती पर तमाम दिग्गजों ने उन्हें श्रधांजलि दी | इस मौके पर ucc यानि समान नागरिक संहिता को लागू करते हुए डॉ मुखर्जी के सपनों को पूरा करने का संकल्प भी दोहराया गया | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुखर्जी के ‘एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ के सपने को साकार करते हुए मध्य प्रदेश में इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी| डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अखंड भारत के संकल्प और कश्मीर के पूर्ण विलय के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। डॉ. मुखर्जी का सपना अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के पूर्ण निष्कासन के साथ साकार हुआ, जो उनके अभियान को सच्ची श्रद्धांजलि है
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